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29 साल पुराने सिपाही हत्याकांड में आया अदालत का बड़ा फैसला, सगे भाइयों समेत 3 डकैतों को सुनाई उम्रकैद की सजा

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Sep 20, 2026 01:58 pm IST,  Updated : Sep 20, 2026 01:58 pm IST

फतेहपुर जिले में रंजिश में बागी बने भाइयों के गैंग ने 29 साल पहले पुलिस पर ऐसा हमला किया था कि पूरा टीकर इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा था। इस घटना में एक सिपाही की मौत हो गई थी, जिसको लेकर अब अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है।

Fatehpur Court- India TV Hindi
फतेहपुर कोर्ट Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में जमीन के एक छोटे से विवाद ने दो सगे भाइयों को जुर्म की ऐसी राह पर धकेल दिया कि वे इलाके के खूंखार दस्यु सरगना बन गए। रंजिश में बागी बने इन्हीं भाइयों के गैंग ने 29 साल पहले पुलिस पर ऐसा हमला किया था कि पूरा टीकर इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा था। इस चर्चित मामले में 19 सितंबर को विशेष अदालत (डकैती प्रभावित) ने फैसला सुनाते हुए दोनों सगे भाइयों समेत तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

29 साल पहले गैंग ने पुलिस टीम पर की थी फायरिंग

शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार उत्तम ने बताया कि मामला 21 अक्टूबर 1997 की रात का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुख्यात डकैत खुन्नी उर्फ राम सिंह शिवबोधन के डेरा में मौजूद हैं। सूचना पर तत्कालीन थानाध्यक्ष श्याम नारायण सरोज पुलिस टीम के साथ ट्रैक्टर से शिवबोधन के डेरा पर पहुंचे। पुलिस खुन्नी को पकड़कर ट्रैक्टर से लौट रही थी तभी टीकर गांव के पास पहले से घात लगाए बैठे डकैतों ने ट्रैक्टर को घेर लिया और मूंज की आड़ में छिपकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

सिपाही हुआ था शहीद, 7 पुलिसकर्मी हुए थे घायल

इस मुठभेड़ में असोथर थाने में तैनात सिपाही रामसेवक पासी निवासी मालापुर, थाना होलागढ़, जिला प्रयागराज की मौके पर ही गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि थानाध्यक्ष समेत 7 पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हो गए थे। इस घटना से पूरा टीकर गांव सहम गया था। थानाध्यक्ष ने सगे भाई डकैत सीताराम मौर्य, राधेश्याम मौर्य, फूल सिंह, धरम सिंह, छोटा सिंह, भूरा सिंह, रामराज और रमेश नोनिहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

डकैतों की शरणस्थली था यह इलाका

नब्बे के दशक में इन दोनों सगे भाइयों का करीब 14 लोगों का गिरोह सक्रिय था। असोथर के शिवप्रताप सिंह का डेरा समेत आसपास का जंगल इनकी शरणस्थली थी। पुलिस को कई मुठभेड़ों में चकमा देकर ये फरार हो जाते थे। पुलिस ने गैंग के सरगना सगे भाइयों और छोटा सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया और दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कोर्ट ने सगे भाइयों समेत तीन डकैतों को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 32-32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

किस धारा में कितनी हुई सजा

धारा 302 आईपीसी, एससी/एसटी एक्ट में उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 में 10 साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 147 में एक साल की सजा और 1-1 हजार रुपये जुर्माना, धारा 148 में 2 साल की सजा और 1-1 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।

(रिपोर्ट - उमेश चन्द्रा)

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