1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. यूपी से रूस जाकर पुतिन की सेना में भर्ती हुए युवक की गोली लगने से मौत, शव गांव पहुंचने पर मचा कोहराम!

यूपी से रूस जाकर पुतिन की सेना में भर्ती हुए युवक की गोली लगने से मौत, शव गांव पहुंचने पर मचा कोहराम!

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Apr 04, 2026 07:40 pm IST,  Updated : Apr 04, 2026 07:41 pm IST

रामपुर के युवक शावेद की रूस में गोली लगने से मौत हो गई। वह वहां सैनिक के रूप में काम कर रहा था। शावेद का शव जब गांव पहुंचा तो लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। जानें शावेद, रूस कैसे पहुंचा था।

UP youth dies in Russia army- India TV Hindi
रूस की सेना में भर्ती हुए रामपुर के युवक की मौत हो गई है। Image Source : REPORTERS INPUT

Rampur Youth Dies in Russia: यूपी के रामपुर जिले में शावेद का शव पहुंचने से माहौल गमगीन हो गया। दरअसल, मसवासी गांव के 22 साल के युवक शावेद की रूस में गोली लगने से मौत हो गई थी। शनिवार तड़के उसका शव दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से परिजन उसे लेकर गांव आए। शव के घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

शावेद 9 महीने पहले रोजगार की खोज में गया था रूस

परिजनों के अनुसार, शावेद करीब 9 महीने पहले बेहतर कमाई की उम्मीद में रूस गया था। उसने घरवालों को बताया था कि वहां वह स्टील फर्नीचर बनाने का काम करेगा। शुरुआती दो महीनों तक उसने यही काम किया भी, जिससे परिवार को आर्थिक स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी थी। लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं और उसे मजबूरी में रूस की सेना में शामिल होना पड़ा। इसी दौरान, वह गोलीबारी की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।

शावेद पर था परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ

शावेद अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की और कम उम्र में ही घर की जिम्मेदारियां संभाल ली थीं। उसका छोटा भाई नावेद मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जबकि बहन इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही है। पिता दूल्हे हसन, दूध का छोटा कारोबार कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में शावेद का विदेश जाना परिवार के लिए आर्थिक सहारा बनने की उम्मीद लेकर आया था, लेकिन उसकी असामयिक मौत ने सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया।

पिछले साल सितंबर में हो चुकी थी मौत

इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि शावेद की मौत 12 सितंबर 2025 को ही हो चुकी थी, लेकिन इसकी जानकारी परिवार को कई महीनों बाद मिली। परिजनों ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को एक फोन कॉल आया, जिसमें खुद को रूसी सेना का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने शावेद की मौत की सूचना दी। इससे पहले परिवार लगातार उससे संपर्क करने की कोशिश करता रहा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

विदेश मंत्रालय से भी लगाई थी गुहार

शावेद के परिजनों ने 6 जनवरी 2026 को स्थानीय सांसद के माध्यम से भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई थी। हालांकि, उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला था। इसको लेकर परिजनों में नाराजगी भी देखी जा रही है। शनिवार को जब शावेद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। हर आंख नम थी और माहौल बेहद भावुक हो गया। फिलहाल, शावेद की मौत ने न सिर्फ उसके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।

(इनपुट- सय्यद आमिर)

ये भी पढ़ें- 'मैं भी तेरे बिना रह नहीं सकता', Insta पर स्टेटस लगाने के बाद ट्रेन के आगे कूद गया शख्स, सुबह पत्नी ने किया था सुसाइड

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।