1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. बोको हराम पर कहर बनकर टूटी नाइजीरिया की आर्मी, 50 से ज्यादा आतंकियों को किया ढेर

बोको हराम पर कहर बनकर टूटी नाइजीरिया की आर्मी, 50 से ज्यादा आतंकियों को किया ढेर

 Published : Oct 24, 2025 07:13 am IST,  Updated : Oct 24, 2025 07:38 am IST

नाइजीरिया की सेना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बोको हराम के 50 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया है। बोको हराम नाइजीरिया की स्थापना 2009 में हुई थी। यह एक कट्टर आतंकी समूह है।

Nigerian Army - India TV Hindi
Nigerian Army Image Source : AP

Nigerian Army Kills Boko Haram Terrorists: नाइजीरिया की सेना ने देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमलों के जवाब में बोको हराम के 50 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है। सेना ने इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी है। सेना के प्रवक्ता सानी उबा ने एक बयान में कहा कि आतंकवादियों ने बृहस्पतिवार को बोर्नो और योबे राज्यों में सैन्य ठिकानों पर एक साथ हमले किए थे। सेना ने इन्ही हमलों का जवाब देते हुए आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

आतंकियों का पीछा कर रहे हैं सैनिक

नाइजीरियाई सेना के प्रवक्ता ने कहा कि वायु सेना के सहयोग से जमीनी सैनिक अब भी 70 से अधिक घायल आतंकवादियों का पीछा कर रहे हैं। पिछले महीने बोको हराम के आतंकवादियों ने उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया के गांव दारुल जमाल पर रात में किए गए हमले में कम से कम 60 लोगों की हत्या कर दी थी।

बोको हराम के बारे में जानें

नाइजीरिया में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के मुताबिक बोको हराम आतंकी समूह है जिसकी स्थापना देश में इस्लामिक शरिया कानून लागू करने के लिए की गई थी। बोको हराम के हमले और हिंसा में अब तक कम से कम 35 हजार लोग मारे गए हैं और 21 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। 'बोको हराम' नाम हौसा (Hausa) भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'पश्चिमी शिक्षा हराम है', यानी संगठन का मानना है कि पश्चिमी शिक्षा, संस्कृति और लोकतंत्र इस्लाम के खिलाफ हैं। इस संगठन की स्थापना साल 2002 में मोहम्मद यूसुफ नाम के शख्स ने की थी जिसका मकसद एक ऐसा समाज बनाना था जहां केवल इस्लामी शरीयत कानून लागू हो और पश्चिमी प्रभाव से पूरी तरह मुक्ति मिले। 

Nigerian People
Image Source : APNigerian People

स्कूलों और शिक्षकों को बनाया निशाना

शुरुआत में बोको हराम एक धार्मिक आंदोलन के रूप में सक्रिय था, लेकिन 2009 में यूसुफ की पुलिस हिरासत में मौत के बाद यह संगठन पूरी तरह हिंसक बन गया। यूसुफ की मौत के बाद इसके नेतृत्व की कमान अबूबकर शेकाउ ने संभाली, जिसने इस संगठन को एक खूंखार आतंकी समूह में बदल दिया। संगठन का मानना है कि पश्चिमी शिक्षा नैतिक भ्रष्टाचार फैलाती है, इसलिए स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थान 'हराम' हैं। इसी सोच के चलते बोको हराम ने सबसे ज्यादा हमले स्कूलों और शिक्षकों पर किए हैं।

बोको हराम का आतंक

बोको हराम ने पिछले 2 दशकों में कई ऐसे आतंकी हमले किए हैं जिन्होंने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। साल 2011 में नाइजीरिया की राजधानी अबुजा में संयुक्त राष्ट्र (UN) के कार्यालय पर हमला किया गया था जिसमें 20 से ज्यादा लोग मारे गए थे। साल 2014 में दुनिया को हिला देने वाला चिबोक स्कूल गर्ल्स किडनैपिंग कांड हुआ था। इस दौरान 270 से अधिक स्कूली लड़कियों का अपहरण किया गया था। इनके अलावा बोको हराम ने चर्च, बाजार, बस स्टैंड और सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों आत्मघाती हमले किए हैं। (इनपुट एजेंसी के साथ)

यह भी पढ़ें:

पुतिन ने दी चेतावनी, बोले- रूस के भीतर टॉमहॉक जैसी मिसाइलों से हुए हमले तो देंगे चौंकाने वाला जवाब

इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी ने दिया पुतिन का साथ? रूसी पैसों की 'चोरी' पर EU को चेताया

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Around the world से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश