तेहरान: ओमान की खाड़ी में बुधवार को उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब अमेरिकी युद्ध पोत का ईरानी नौसेना से आमाना-सामना हो गया। इस दौरान ओमान की खाड़ी में घूम रहे अमेरिकी विध्वंसक युद्धपोत ने ईरान के उस हेलीकॉप्टर को मार गिराने की धमकी दी, जो उसके सामने आकर उड़ान भरने लगा। जबकि अमेरिकी युद्धपोत ओमान की खाड़ी में ईरानी जल क्षेत्र की ओर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा था। ईरानी नौसेना के हेलीकॉप्टर ने जब उसे रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत के सामने उड़ान भरी तो अमेरिका भड़क गया। बाद में आरटी का दावा है कि ईरानी नौसेना ने अमेरिका को सरेंडर करा दिया।
ओमान की खाड़ी में भिड़ते रुके यूएस और ईरान
धमकियों और चेतावनियों के बीच अमेरिका और ईरान की नौसेनाएं भिड़ने ही वाली थीं। मगर किसी तरह से दोनों पक्षों में मामला सुलझा लिया गया। ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने ओमान की खाड़ी में हुई इस घटना का ब्यौरा दिया है। यह घटना ईरान और इजरायल के बीच 12 दिनों के युद्ध के बाद ईरानी और अमेरिकी सेनाओं के बीच पहला आमना-सामना था। युद्ध के दौरान अमेरिकी बी-52 बमवर्षक विमानों ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था।
ओमान की खाड़ी में क्या हुआ?
अमेरिकी नौसेना का विध्वंसक पोत यूएसएस फिट्जगेराल्ड ईरानी जल क्षेत्र की ओर आगे बढ़ रहा था। तभी ईरान की नौसेना ने इस अमेरिकी युद्धपोत का सामना करने के लिए अपना अटैक हेलीकॉप्टर भेज दिया, जो स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 10 बजे जलक्षेत्र के पास पहुंचा था। यह देखते ही अमेरिकी नौसैनिक भड़क उठे। उन्होंने हेलीकॉप्टर को मारकर गिरा देने की धमकी दी। मगर आरटी ने तस्नीम न्यूज के हवाले दावा किया है कि ईरानी हेलीकॉप्टर ने अमेरिकी विध्वंसक पोत DDG फिट्जगेराल्ड को 'समर्पण' करने और ओमान की खाड़ी में ईरानी जलक्षेत्र से बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया। यह सब तब हुआ जब अमेरिकी विध्वंसक ने 'ईरानी हेलीकॉप्टर को निशाना बनाने की धमकी' दी थी।