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नेपाल: संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 21 कार्यकर्ता घायल, 70 गिरफ्तार

 Written By: India TV News Desk
 Published : Dec 08, 2016 11:39 am IST,  Updated : Dec 08, 2016 11:39 am IST

काठमांडू: नेपाल में संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मुख्य विपक्षी दल CPM-UML के कम से कम 21 कार्यकर्ता पुलिस के साथ हुए संघर्ष में घायल हो गए और इस दौरान 70 कार्यकर्ताओं

21 workers injured and 70 arrested - India TV Hindi
21 workers injured and 70 arrested

काठमांडू: नेपाल में संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मुख्य विपक्षी दल CPM-UML के कम से कम 21 कार्यकर्ता पुलिस के साथ हुए संघर्ष में घायल हो गए और इस दौरान 70 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस एवं CPM-UML के पार्टी सदस्यों एवं पुलिस के बीच कल कैलाली जिले में संघर्ष हुआ। पार्टी के कार्यकर्ता आंदोलनरत मधेसी एवं अन्य जातीय समूहों की मांगों को पूरा करने के लिए नए प्रांत के निर्माण के लक्ष्य से बनाए गए विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

पुलिस के साथ संघर्ष में कम से कम 21 लोग घायल हो गए और 70 को गिरफ्तार किया गया। प्रधानमंत्री प्रचंड के नेतृत्व में गठबंधन सरकार ने मधेसी दलों एवं अन्य जातीय समूहों की नागरिक मामले एवं प्रांतीय सीमा के खाके समेत कुछ अहम मांगों को पूरा करने के मकसद से संविधान में संशोधन करने के लिए पिछले सप्ताह एक प्रस्ताव पंजीकृत किया था। इसके बाद से विपक्षी दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं।

इस बीच, CPM-UML ने एक बयान जारी करके सरकार से कहा है कि वह प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए उसके पार्टी कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करे। नेपाल के विपक्षी दलों- UML, CPN-ML, राष्ट्रीय जनमोर्चा एवं नेपाल वर्कर्स पीजेंट्स पार्टी ने भी संविधान में संशोधन के प्रस्ताव के खिलाफ संसद की कार्यवाही को बाधित किया था। नेपाल पिछले साल सितंबर में नये संविधान को मंजूरी दिए जाने के बाद से राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है। यह संविधान देश को सात प्रांतों में बांटता है। आंदोलन कर रहे मधेसी दल चाहते हैं कि प्रांतीय सीमाओं के सीमांकन के समय पर्वतीय जिलों को मैदानों में नहीं मिलाया जाए।

जिस संविधान की पिछले साल घोषणा की गई थी, उसे मधेसियों के विरोध के कारण लागू नहीं किया जा सका। मधेसी मोर्चे ने संविधान संशोधन विधेयक को पिछले सप्ताह समर्थन देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि यह अपने मौजूदा पक्षपातपूर्ण रूप में स्वीकार्य नहीं है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मधेसी फ्रंट और फेडरल सोशलिस्ट फोरम नेपाल ने कहा था कि नेपाल सरकार ने विरोध के बावजूद जो संविधान संशोधन विधेयक संसद में पंजीकृत कराया था, वे उसे स्वीकार नहीं कर सकते।

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