बेरूत: सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स में शनिवार को 2 सुरक्षा ठिकानों पर हुए आत्मघाती हमलों में एक शीर्षे खुफिया अधिकारी समेत 42 लोगों की मौत हो गई। इस घटना का जिनीवा में चल रही शांति वार्ता पर असर पड़ा है। सीरिया के अलकायदा के पूर्व सहयोगी रहे संगठन फतेह अल-शाम फ्रंट ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में राष्ट्रपति बशर अल-असद के विश्वस्त जनरल हसन डाबुल की भी मौत हो गई।
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सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि पड़ोस में स्थित कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाले घोउटा और महट्टा में राज्य के सुरक्षा और सैन्य खुफिया प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में 42 लोगों की मौत हो गई। प्रांतीय गवर्नर तलाल बराजी ने कहा कि 30 लोग मारे गए हैं और 24 जख्मी हैं। सरकारी टेलीविजन ने दाबुल की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि एक आत्मघाती हमलावर ने खास तौर पर जनरल को निशाना बनाया। खुद को धमाका कर उड़ाने से पहले हमलावरों ने खुफिया अधिकारियों पर काफी देर तक फायरिंग की, जिसके जवाब में खुफिया अधिकारियों ने भी फायरिंग की थी।
ऑब्जर्वेटरी के प्रमुख रामी अब्देल रहमान ने कहा कि दोनों तरफ से करीब दो घंटे तक गोलीबारी चलती रही। फतेह अल-शाम ने कहा कि इस हमले में उसके 5 आतंकवादियों ने हिस्सा लिया। सरकारी टेलीविजन और ऑब्जर्वेटरी हालांकि छह हमलावरों के होने की बात कह रही है। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में संघर्ष विराम संधि के तहत विद्रोहियों के पीछे हटने के बाद मई 2014 से होम्स पूरी तरह से सरकार के नियंत्रण में है। हालांकि इसके बाद से यहां पर बार-बार बम हमले होते रहे हैं। पिछले साल हुए दोहरे बम विस्फोट में 64 लोग मारे गए थे। इस्मामिक स्टेट की तरह ही फतेह अल-शाम भी सरकारी बलों और जिनीवा वार्ता में शामिल विद्रोहियों के बीच हुए संघर्ष विराम में शामिल नहीं हुआ था।
अलकायदा के साथ पिछले साल अपने रिश्ते तोड़ने के बावजूद, संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी सरकारों ने इसे आतंकवादी संगठनों की काली सूची से नहीं हटाया। इस संगठन का 2015 में इस्लामिक विद्रोहियों के साथ पश्चिमोत्तर प्रांत इदलिब के अधिकतर इलाकों पर दबदबा था, लेकिन इसके सहयोगियों के सरकार के साथ शांति प्रक्रिया में शामिल होने के बाद रिश्तों में दरार आ गई। पहले ये बाद कजाखिस्तान में हो रही थी और बाद में इसे जिनीवा के आयोजित किया गया। इस बीच फतेह अल-शाम पर सरकारी सेनाओं के हवाई हमलों के साथ ही उसकी सहयोगी रूसी और अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं ने हवाई हमले तेज कर दिए हैं।