बीजिंग: एक चीनी विशेषज्ञ ने दक्षिण एशियाई मामलों पर कहा है कि भारत की ओर से चीन के विद्रोही नेता डोल्कन ईसा का वीजा रद्द किए जाने से दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी और यह फैसला आतंकवाद एवं अलगाववाद के खिलाफ लड़ाई में दोनों देशों के साझे विचारों को दर्शाता है।
चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेम्पररी इंटरनेशनल रिलेशंस में दक्षिण एशियाई मामलों के विशेषज्ञ फु शियाओक्आिंग ने ‘ग्लोबल टाइम्स’ से कहा, ‘भारत ने सोच समझकर एक निर्णय लिया है और यह आतंकवाद एवं अलगाववाद के खिलाफ लड़ाई में चीन और भारत दोनों के साझे विचारों और आगे भी आपसी सहयोग की प्रतिबद्धता को दिखाता है।’ फु ने कहा कि इससे भारत और चीन के बीच संबंधों के स्वस्थ विकास में योगदान मिलेगा। ‘वर्ल्ड उइघुर कांग्रेस’ (डब्ल्यूयूसी) के नेता डोल्कन ईसा का वीजा रद्द किए जाने के भारत सरकार के फैसले पर चीन के विदेश मंत्रालय ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की है।