बीजिंग: चीन ने गुरुवार को एक श्वेत पत्र में धार्मिक आयोजनों में स्वतंत्रता के सिद्धांतों और आत्म प्रबंधन को बरकरार रखते हुए कहा कि इसमें विदेशी संगठनों और व्यक्तियों को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। यह भी कहा गया है कि विदेशी संगठनों को चीनी नियमों और कानूनों का सम्मान करना चाहिए।
चीन के राज्य परिषद के सूचना कार्यालय द्वारा प्रकाशित 'फ्रीडम ऑफ रिलिजियस बिलीफ इन शिनजियांग' नामक श्वेत पत्र के मुताबिक, "चीन के धार्मिक आयोजन स्वयं के धार्मिक समूहों, सदस्यों और नागरिकों द्वारा संचालित किए जाते हैं। देश के धार्मिक मसले और संगठन किसी भी विदेशी प्रभुत्व के अधीन नहीं हैं।" दरअसल विदेशी धर्म प्रचारक अकसर चीन में स्थानीय परंपराओं को ग़लत ठहराकर अपने धार्मिक रीति-रिवाज़ों और नियमों को स्थानीय लोगों पर लादने की कोशिश करते रहते हैं, जिसे चीनी लोग व संस्थाएं ठीक नहीं मानतीं। उनका कहना है कि चीनी जनता को ज़बर्दस्ती धार्मिक विश्वास मानने पर विवश नहीं किया जा सकता।
पत्र के अनुसार, चीनी क्षेत्र के भीतर धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने के दौरान विदेशियों को चीनी कानूनों और नियमों का पालन करना चाहिए और चीन के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। पत्र में कहा गया है कि एक प्रांतीय स्तर के प्रशासनिक क्षेत्र के रूप में शिनजियांग अपने धार्मिक मामलों के संदर्भ में स्वतंत्रता और आत्म प्रबंधन के सिद्धांत को लेकर पूरी तरह सख्त है।