जैश-ए-मोहम्मद के सरग़ना मौलाना मसूद अज़हर ने दावा किया है कि भारत ने उसकी गिरफ़्तारी के बदले तालिबान सरकार को मोटी रकम देने का ऑफ़र किया था। उसने ये भी दावा कि ये ऑफ़र अटलबिहारी वाजपेयी की सरकार के मंत्री जसवंत सिंह ने किया था। ये ऑफर तालिबान प्रमुख मुल्ला मोहम्मद मंसूर को दिया था।
अज़हर ने कहा कि 1999 में कांधार में अपहत भारतीय विमान आईसी-814 के यात्रियों के बदले आतंकियों की अदली-बदली के बाद भारत ने तालिबान सरकार को धन की पेशकश की थी।
ये घटना उस समय की है मंसूर तालिबान सरकार में सिविल एविएशन मिनिस्टर था। उसने ये बातें जैश के मुखपत्र में लिखी हैं। अज़हर को रिहाई के बाद मंसूर ने ही रिसीव किया था और उसे अपनी सफैद लैंडक्रूज़र गाड़ी में बैठाकर एयरपोर्ट से बाहर ले गया था।
उसने लिखा है- मुल्ला साहिब ने मुझे अपने साथ एक सोफा पर बैठाया और कहा कि भारतीय मंत्री जसवंत सिंह ने इसी सोफे पर बैठ कर उनके सामने पैसे की पोशकश की थी।