तेहरान: ईरान के लोगों के लिए इस साल हज यात्रा पर जाना नामुमकिन लग रहा है। ईरान के मंत्री ने रविवार को यह बात कही। ईरान के संस्कृति एवं इस्लामी मार्गदर्शन मंत्री अली जन्नाती ने कहा, "यह माना गया था कि हमें अपने द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सऊदी अरब के अधिकारियों के जवाब के लिए रविवार तक इंतजार करना होगा।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने जन्नाती के हवाले से कहा है, "ईरान के प्रतिनिधियों के साथ सऊदी पक्ष के शब्दाडंबर और उनके व्यवधान से पता चलता है कि ईरान के लोगों के लिए इस साल हज कर पाना असंभव है।"
ईरान ने सऊदी अरब पर लगाया था ईरानी लोगों की हज यात्रा पर अड़ंगा लगाने का आरोप
जन्नाती ने आगे कहा, "ईरान का हज और तीर्थस्थल संगठन इस पर सोमवार को एक बयान जारी करेगा।" सऊदी अधिकारियों के साथ हाल में हुई कई दौर की बातचीत के बाद भी ईरान, सऊदी अरब के साथ सितंबर में होने वाली वार्षिक हज यात्रा में शामिल होने को लेकर किसी सहमति पर पहुंचने में नाकाम रहा है। पिछले हफ्ते ईरान के विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब पर इस साल ईरान के लोगों की हज यात्रा में अड़ंगा लगाने का आरोप लगाया था।
सऊदी अरब का आरोप, ईरान खुद कर रहा है हज का राजनीतिकरण
सऊदी अरब ने कहा है कि ईरान हज का राजनीतिकरण कर रहा है। उसने कहा है कि ईरान खुद ही अपने लोगों की हज यात्रा की राह में रोड़े लगा रहा है। ईरान और सऊदी अरब के बीच अभी सीरिया और यमन के मुद्दे को लेकर विवाद चल रहा है। साथ ही सुन्नी बहुल सऊदी अरब ने जनवरी में प्रमुख शिया धर्मगुरु निम्र अल-निम्र को 46 अन्य के साथ फांसी दे दी थी। इसके विरोध में बड़ी संख्या में ईरानी सड़कों पर उतर आए थे। कुछ ने तेहरान और मशहद में सऊदी राजनयिक मिशनों में तोड़फोड़ की थी। इसके बाद सऊदी अरब ने ईरान से इन हमलों को लेकर अपने राजनयिक संबंध तोड़ लिए थे। खाड़ी के अधिकांश सुन्नी देशों के शिया बहुल ईरान के साथ रिश्ते ठीक नहीं हैं।