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गुरूवार से मधेसी करेंगी नेपाल में प्रदर्शन

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 18, 2016 10:44 pm IST,  Updated : May 18, 2016 10:45 pm IST

काठमांडू: मधेसियों एवं नेपाल के अन्य अल्पसंख्यक जातीय समूहों ने अधिकार, बीते मंगलवार प्रदर्शनकारियों की प्रधानमंत्री के पी ओली के सरकारी निवास के सामने पुलिस के साथ झड़प हुई थी जिससे कई लोग घायल हो गए थे।

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काठमांडू: मधेसियों एवं नेपाल के अन्य अल्पसंख्यक जातीय समूहों ने अधिकार, पर्याप्त प्रतिनिधित्व और राज्यों के पुनर्सीमांकन से जुड़ी अपनी मांगों पर दबाव बनाने के लिए आगामी गुरूवार से प्रदर्शन का दूसरा चरण शुरू करने का फैसला किया क्योंकि इस संबंध में उनका पहला चरण काठमांडू में धरने के साथ आज समाप्त हुआ।

प्रथम चरण के धरने के आखिर दिन बुधवार को  काठमांडू में रत्नापार्क की शांति वाटिका में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने नए संविधान के विरोध में धरना दिया जो नेपाल को सात संघीय प्रांतों में विभाजित करता है। 29 दलों के फेडरल एलायंस ने बुधवारको यहां एक संयुक्त बैठक के बाद प्रदर्शन के दूसरे चरण की घोषणा की। बैठक के दौरान प्रदर्शनकारी संगठन इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि उनका आंदोलन शिथिल पड़ रहे मधेसी आंदोलन को फिर सुर्खियों में लाने में सफल रहा। एलायंस के नेताओं ने कहा, पांच दिन का शांतिपूर्ण आंदोलन ने नेपाल-भारत सीमा पर पिछले साल की छह माह की नाकेबंदी की तुलना में आम लोगों, सिविल सोसायटी, मीडिया, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ज्यादा सहानुभूति बटोरी।

दूसरे चरण में 10 दिनों तक काठमांडू घाटी में तीन जिलों में सभाएं करना और रैलियां निकालना है तथा आखिर में दो दिन दक्षिण नेपाल के बीरगंज और पश्चिम नेपाल के पोखरा में विरोध रैलियां निकालना है। भारतीय मूल के मधेसी संविधान का पुनर्लेखन चाहते हैं ताकि धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा, पहचान आधारित समानुपतिक प्रतिनिधित्व, नेपाल को संघीय लोकतांत्रिक दर्जा संवैधानिक रूप से सुनिश्चित किया जा सके।

बीते मंगलवार प्रदर्शनकारियों की प्रधानमंत्री के पी ओली के सरकारी निवास के सामने पुलिस के साथ झड़प हुई थी जिससे कई लोग घायल हो गए थे। इसी बीच सूचना एवं संचार मंत्री शेरधन राय ने कहा कि फेडरल एलायंस के काठमांडू केंद्रित प्रदर्शन का कोई मतलब नहीं है। सरकार ने उन्हें वार्ता के लिए पत्र भेजा है और सरकार आंदोलन के सामने नहीं झुकेगी। राय ने संविधान के पुनर्लेखन की मांग खारिज कर दी।

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