काठमांडू: खराब मौसम के कारण नेपाली बचावकर्मियों ने एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई के दौरान मारे गए दो पर्वतारोहियों के शवों को वापस लाने का अभियान आज बंद कर दिया। अब वे अगले वर्ष शवों को वापस लाने का प्रयास करेंगे। पर्वतारोहण का प्रबंधन करने वाले संगठन ट्रेकिंग कैंप नेपाल के प्रबंधन निदेशक वांगचु शेरपा के अनुसार, बचाव कार्य इसलिए रोका गया है क्योंकि पर्वतारोहण का मौसम समाप्त हो चुका है और खराब मौसम के कारण अब पहाड़ों पर चढ़ना संभव नहीं है।
परेश नाथ और गौतम घोष, दोनों पर्वतारोही 21 मई को एवरेस्ट पर 8,848 मीटर की उंचाई पर थे, उसी दौरन उनका बाकी टीम से संपर्क टूट गया। पर्वतारोहण के इस मौसम में एवरेस्ट पर चढ़ने का प्रयास करते हुए कुल तीन भारतीय पर्वतारोहियों की मृत्यु हुई है। शेरपा ने बताया कि सुभाष पॉल का शव पिछले सप्ताह काठमांडू लाया गया था, जबकि पिछले सप्ताह ही मारे गए नाथ और घोष के शवों को वापस नहीं लाया जा सकता, क्योंकि बारिश शुरू हो गई है और बचावकार्य बंद कर दिया गया है।
पॉल की चोटी से नीचे उतरने के दौरान मौत हो गयी। शेरपा ने बताया कि शवों को वापस लाने का राहत कार्य अब अगले वर्ष ही चलाया जा सकता है। बचावकर्मियों ने नाथ और घोष दोनों के शवों का पिछले शुक्रवार को पता लगा लिया था, लेकिन उन्हें वापस लाने में असफल रहे।