इस्लामाबाद: पाकिस्तान के गृह मंत्री निसार अली खान ने आज कहा कि उनका देश भारत की धमकियों के आगे नहीं झुकेगा और आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए कश्मीरियों के संघर्ष का समर्थन करता रहेगा। खान ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के प्रधानमंत्री राजा मोहम्मद फारूक हैदर खान से यहां कहा, कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के लिए वैध एवं उचित संघर्ष को सरकारी दमन से दबाया नहीं जा सकता।
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राजा मोहम्मद फारूक हैदर खान यहां निसार अली खान से मुलाकात करने के लिए आए थे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार दोनों नेताओं ने भारत द्वारा बेगुनाह कश्मीरियों के कथित दमन और मानवाधिकार उत्पीड़न जारी रखने पर विस्तार से चर्चा की। खान ने कहा कि पाकिस्तान भारत की धमकियों के आगे नहीं झुकेगा और कश्मीर के लोगों को राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन मुहैया कराने से पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में मानवाधिकार का उल्लंघन और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को भारत द्वारा खारिज किया जाना न केवल संयुक्त राष्ट्र बल्कि उन अन्य देशों के लिए भी एक चुनौती है जिन्हें लोकतांत्रित मूल्यों का समर्थक माना जाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर आधाहीन आरोप लगाने का भारतीय रवैया और पाकिस्तान के साथ सार्थक बातचीत करने से उसकी आनाकानी क्षेत्र में शांति के लिए मुख्य बाधा है।
गत रविवार को जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के बटालियन मुख्यालय पर आतंकवादियों द्वारा किए गए एक भीषण हमले में 18 सैनिक शहीद हो गए और कई अन्य घायल हो गए। आतंकवादी हमले में शामिल 4 आतंकवादियों को सेना ने मार गिराया।
भारत के सैन्य अभियानों के महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा कि सभी चार आतंकवादी विदेशी आतंकवादी थे। आतंकवादियों के पास ऐसे सामान थे जिस पर पाकिस्तान का मुहर लगा हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि आतंकवादी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैशे मोहम्मद के थे। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा हमें किसी भी प्रतिकूल कृत्य का अपने चयनित समय और स्थान पर जवाब देने का अधिकार है।