ढाका: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और धर्मनिरपेक्ष लेखकों पर हो रहे सिलसिलेवार हमलों को रोकने के लिए देश भर में 37 चरमपंथियों सहित 3,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आज प्रत्येक हत्यारे को पकड़ने का आज संकल्प लिया। गिरफ्तार किए गए चरमपंथी प्रतिबंधित जमातउल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के सदस्य हैं। समझा जाता है कि संगठन ने हिंदुओं और ईसाइयों सहित धर्मनिरपेक्ष और उदार कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यकों पर अधिकांश हमले किए हैं।
उप महानिरीक्षक एकेएम शहीदुर रहमान ने संवाददाताओं को बताया, 37 चरमपंथियों में 27 जेएमबी के हैं। खबरों के मुताबिक 3000 से अधिक संदिग्ध पिछले दो दिनों में गिरफ्तार किए गए हैं जिनमें से ज्यादातर लोग ठग और अपराधी हैं। बांग्लादेश में इस्लामवादियों ने सिलसिलेवार हमले किए हैं । ISIS और अल कायदा इन द इंडियन पेनीनसुला ने कुछ हमलों की जिम्मेदारी ली है लेकिन सरकार ने बांग्लादेश में इन संगठनों की मौजूदगी से इनकार किया है।
प्रधानमंत्री हसीना ने अपनी अवामी लीग पार्टी की एक बैठक में कहा कि पुलिस हिंसा को उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने कहा, वे बांग्लादेश में कहां छिपेंगे। कोई नहीं भाग पाएगा। बांग्लादेश एक छोटा देश है। उनका पता लगाना मुश्किल काम नहीं होगा। उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हत्यारे को न्याय के दायरे में लाया जाएगा और उनके सभी स्रोतों, वित्त प्रदाताओं और संरक्षकों को ढूंढ निकाला जाएगा तथा न्याय के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने देशवासियों से ऐसे हमलों के दौरान मूकदर्शक नहीं बने रहने को कहा। कृपया तमाशबीन नहीं बने। जब आप किसी पर ऐसे हमले होते देखते हैं तो प्रतिरोध करना और अपराधियों को पकड़ने की कोशिश करिए।