नानचांग: चीन की एक डॉक्टर गुओ लुपिंग ट्यूनीशिया में काम किया करती थीं, लेकिन इस वक्त वो अपने देश के जियांगशी प्रांत के एक अस्पताल में बिस्तर पर पड़ी है। जिस डॉक्टर को अनेक लोग आशा भरी निगाहों से देखा करते थे, आज वो लोगों का इलाज करने के बजाय खुद इलाज करवा रही है। इतना बीमार होने के बावजूद उनके दिल में तीव्र इच्छा है कि वो वापस ट्यूनीशिया लौट जाए, अपने मरीजों के पास। दरअसल गुओ (40) एक प्रसूति-विज्ञानी हैं और वह ट्यूनीशिया में एक साल से अधिक समय तक चीनी मेडिकल टीम की सदस्य के रूप में काम कर चुकी हैं। उन्होंने कहा, "मैंने लौटने से पूर्व कई गर्भवतियों से वादा किया था कि उनकी डिलिवरी कराऊंगी।"
चीन के जिन्यू नाम के शहर में डॉक्टर हैं कैंसर से पीड़ित गुओ
वह जियांगशी प्रांत के जिन्यू शहर में मातृत्व व बाल देखभाल केंद्र में एक चिकित्सक हैं। वह नवंबर 2014 में ट्यूनीशिया के मेडिकल सहायता प्रोग्राम से जुड़ीं। वह जब इस साल जनवरी में चीन लौटीं, तो उन्हें अपने स्तन कैंसर का पता चला, जिसका उन्होंने इलाज करवाया। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने मैस्टेक्टमी व कीमोथैरेपी कराई है।
गुओ को चिंता है ट्यूनीशिया में रह रहे अपने मरीज़ों की
गुओ का मन अभी भी ट्यूनीशिया में अपने मरीजों में अटका हुआ है। उन्होंने कहा, "मुझे काम छोड़े दो महीने हो गए हैं। मैं ट्यूनीशिया लौटने व ऑपरेशन करने का इंतजार नहीं कर सकती।" उन्होंने कहा, "ट्यूनीशिया में एक महिला के आमतौर पर चार-पांच बच्चे होते हैं, लेकिन देश में प्रसूति-विज्ञानियों का अभाव है। मैंने जिस प्रसूति विभाग में काम किया, उसमें केवल तीन डॉक्टर थे, उनमें से दो चीनी थे।"