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बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार से ब्रिटेन का भी खौल उठा खून, यूनुस सरकार को पढ़ाया लोकतंत्र का पाठ

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Oct 18, 2025 10:58 am IST,  Updated : Oct 18, 2025 10:58 am IST

ब्रिटेन सरकार ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा और अत्याचारों की कड़ी निंदा की है। इसके साथ ही यूनुस सरकार को लोकतंत्र की मर्यादा में रहने को कहा है।

कीर स्टार्मर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री। - India TV Hindi
कीर स्टार्मर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री। Image Source : AP

लंदनः बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार से ब्रिटेन का भी दिल दुखी हो गया है। ब्रिटेन ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा और घृणा की घटनाओं की कड़ी निंदा की है। इसके साथ ही बांग्लादेश की कार्यवाहक यूनुस सरकार को लोकतंत्र का भी पाठ पढ़ाया है। इसके अलावा ब्रिटिश सरकार ने कहा कि वह बांग्लादेश में लोकतांत्रिक बदलाव की प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान ब्रिटेन के निचले सदन 'हाउस ऑफ कॉमन्स' में 18 अक्टूबर को जारी किया गया, जिसका उद्देश्य बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं, के खिलाफ हो रही हिंसा और उत्पीड़न के खिलाफ अपनी स्थिति को स्पष्ट करना था।

 

बांग्लादेश कर रहा हिंदुओं का उत्पीड़न

ब्रिटेन ने यह बयान सामुदायिक संगठन ‘इनसाइट यूके’ की हालिया रिपोर्ट पर जार किया है, जिसमें बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के उत्पीड़न का खुलासा किया गया था। रिपोर्ट को ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति के बारे में संसद में पेश किया था। ब्लैकमैन ने यह रिपोर्ट दिवाली से पहले जारी की, जिसमें बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और भेदभाव की घटनाओं का विवरण दिया गया है।

ब्रिटेन ने बांग्लादेश सरकार को फटकारा

‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ के नेता सर एलन कैंपबेल ने लेबर पार्टी की ओर से कहा, "हम किसी भी तरह की धार्मिक घृणा या हिंसा की घटना की कड़ी निंदा करते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके लिए शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक परिवर्तनों का समर्थन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।" कैंपबेल ने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रिटेन सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अधिक कार्रवाई करने के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर कोई विशिष्ट प्रतिबद्धता या सरकारी मंत्री द्वारा आधिकारिक बयान देने की बात नहीं की, जैसा कि ब्लैकमैन ने उम्मीद की थी। ब्रिटिश सरकार की यह प्रतिक्रिया बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता और हिंसा के बीच वैश्विक समुदाय की चिंताओं को भी दर्शाती है। (भाषा)

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