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ताइवान के सैन्य अभ्यास से बौखलाया चीन, क्षेत्रीय सुरक्षा का हवाला देकर उठाया ये बड़ा कदम

 Published : Jul 09, 2025 12:05 pm IST,  Updated : Jul 09, 2025 12:05 pm IST

ताइवान के सैन्य अभ्यास के मद्देनजर चीन की ओर से उठाए गए इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव एक बार फिर चरम पर है और आने वाले दिनों में चीन और ताइवान के बीच राजनयिक और सैन्य तनाव और अधिक गहरा सकता है।

ताइवान की मिलिट्री ड्रिल (फाइल फोटो)- India TV Hindi
ताइवान की मिलिट्री ड्रिल (फाइल फोटो) Image Source : AP

ताइपे: ताइवान की सेना ने अपना वार्षिक हान कुआंग सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। ताइवानी सैनिक अपना क्षमता और शौर्य का जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। यह देखकर ताइपे का पड़ोसी और जानी दुश्मन चीन बौखला गया है। ताइवान के इस सैन्य अभ्यास के खिलाफ राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शासन ने कड़ा कदम उठाया है। इसके तहत चीन ने ताइवान की सेना से जुड़ी आठ कंपनियों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिए। 

ताइवान के अभ्यास से चीन को क्या खतरा

यह सैन्य अभ्यास कोई नया नहीं बै, बल्कि ताइवान इसे हर साल करता है। इस बार फिर ताइवान ने अपने वार्षिक हान कुआंग सैन्य अभ्यास की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य संभावित चीनी आक्रमण से रक्षा की तैयारी करना है। मगर चीन को ताइवान का यह सैन्य अभ्यास बेहद नागवार गुजरा है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने इन प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के चलते की गई है।

चीन ने किन कंपनियों पर लगाया बैन

चीन ने ताइवान की जिन आठ कंपनियों को प्रतिबंध सूची में डाला है, वे मुख्यतः एयरोस्पेस और जहाज निर्माण से जुड़ी हुई हैं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इन कंपनियों को अब से "डुअल-यूज़ आइटम्स" (ऐसी सामग्रियां जो नागरिक और सैन्य दोनों क्षेत्रों में इस्तेमाल की जा सकती हैं) के निर्यात की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

कितने दिनों तक चलेगा अभ्यास

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब ताइवान ने अपना वार्षिक सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा और सबसे लंबा अभ्यास बताया जा रहा है। हान कुआंग सैन्य अभ्यास इस बार लगभग 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें ताइवान की सेना विभिन्न परिदृश्यों के माध्यम से चीनी आक्रमण की आशंका के तहत अपनी तैयारियों का मूल्यांकन कर रही है।

ताइवान ने दी प्रतिक्रिया

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस अभ्यास की शुरुआत चीनी तटरक्षक बल और समुद्री मिलीशिया की कार्रवाइयों का मुकाबला करने से हुई, जो ताइवान के समुद्री क्षेत्रों में तनाव और अस्थिरता पैदा कर रही हैं। मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में चीनी जहाजों ने ताइवान के अपतटीय द्वीप समूहों के करीब घुसपैठ की, जिससे समुद्री मार्गों पर खतरा बढ़ गया है। सरकार ने जनता से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि अभ्यास के दौरान अगर उड़ानों या यातायात में कोई व्यवधान उत्पन्न होता है, तो लोग धैर्य रखें। साथ ही उन्होंने अफवाहों और झूठी सूचनाओं से सतर्क रहने की भी चेतावनी दी।

चीन-ताइवान में क्या है झगड़ा?

चीन लंबे समय से ताइवान को अपना अविभाज्य हिस्सा मानता है और कई बार बलपूर्वक अधिग्रहण की धमकी भी दे चुका है। वहीं ताइवान खुद को एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश मानता है, जिसकी अपनी निर्वाचित सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था है। बीजिंग ने हाल ही में ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते को "अलगाववादी" करार दिया है और उनसे किसी भी तरह की बातचीत से इनकार कर दिया है। चीन के इस नवीनतम कदम को विश्लेषक राजनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं, जिससे ताइवान की रक्षा क्षमताओं को कमजोर किया जा सके। लेकिन ताइवान की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में अपने रक्षा और सुरक्षा हितों से समझौता नहीं करेगी। (एपी)

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