1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. 'इमरान खान को नहीं पता अगस्त है या जून-जुलाई', बोलते-बोलते रो पड़ीं उज्मा, शरीफ सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

'इमरान खान को नहीं पता अगस्त है या जून-जुलाई', बोलते-बोलते रो पड़ीं उज्मा, शरीफ सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Aug 21, 2026 09:42 pm IST,  Updated : Aug 21, 2026 09:42 pm IST

पाकिस्तान में इमरान खान की मेडिकल जांच को लेकर शहबाज शरीफ सरकार और PTI आमने-सामने हैं। बहन उज्मा खान ने आरोप लगाया कि इमरान को अंधेरे में रखा गया, उनकी हालत खराब है और उन्हें तारीख-महीने तक का पता नहीं था। सरकार ने आरोप खारिज कर सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य का दावा किया।

Imran Khan Health, Uzma Khan Allegations, Shehbaz Sharif Government- India TV Hindi
उज्मा खान, इमरान खान और शहबाज शरीफ। Image Source : AP

Highlights

  • आधी रात इमरान खान को जेल से निकाला गया, लेकिन शिफा अस्पताल के बजाय PIMS पहुंचाया गया।
  • अस्पताल और रास्तों की लाइटें बंद रहीं, छह घंटे बाद इमरान को फिर अडियाला जेल भेज दिया गया।
  • बहनों ने लगाया टॉर्चर का आरोप, सरकार ने कहा- इमरान बिल्कुल फिट हैं और कोर्ट का आदेश माना गया।

नई दिल्ली: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री और PTI नेता इमरान खान को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार-शुक्रवार की आधी रात के बाद शहबाज शरीफ सरकार ने उन्हें अदियाला जेल से बाहर निकाला। भारी सुरक्षा के बीच वाहनों का काफिला इस्लामाबाद के शिफा अस्पताल की ओर जाता दिखा। इस दौरान शहर के कई हिस्सों की स्ट्रीट लाइटें बंद कर दी गईं। अस्पताल के बाहर मीडिया और PTI नेता भी पहुंच गए, लेकिन बाद में पता चला कि काफिले में इमरान खान थे ही नहीं क्योंकि उन्हें चुपचाप सरकारी PIMS अस्पताल ले जाया गया।

शिफा अस्पताल के बजाय PIMS क्यों ले जाया गया?

पूरा मामला पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें इमरान खान को इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफा अस्पताल में ले जाने और मेडिकल जांच कराने का निर्देश दिया गया था। सरकार की रिव्यू पिटीशन भी खारिज हो चुकी थी। इसके बाद सरकार ने इमरान खान को अदियाला जेल से निकाला, लेकिन उन्हें शिफा अस्पताल के बजाय PIMS ले जाया गया। दावा है कि अस्पताल तक पहुंचने के लिए सामान्य रास्ते के बजाय दूसरे रास्ते का इस्तेमाल किया गया।

Imran Khan Health, Uzma Khan Allegations, Shehbaz Sharif Government
Image Source : APइमरान से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करतीं उज्मा खान।

सबसे ज्यादा सवाल इस बात पर उठे कि रात के समय रास्तों की लाइटें बंद थीं। जिस PIMS अस्पताल में इमरान को ले जाया गया, वहां भी बिजली बंद कर दी गई। अस्पताल में कथित तौर पर अंधेरे के बीच टॉर्च की रोशनी में उनकी आंखों की जांच की गई। इमरान खान की बहन डॉक्टर उज्मा खान को भी मेडिकल पैनल में शामिल किया गया था। उन्हें भी एक अलग गाड़ी में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनके मुताबिक उन्हें यह नहीं बताया गया कि इमरान को आखिर किस अस्पताल में ले जाया जा रहा है।

इमरान खान की बहन उज्मा ने लगाए गंभीर आरोप

उज्मा खान के मुताबिक, उन्हें बताया गया कि PIMS में इमरान खान की आंखों का रूटीन चेकअप होगा और इसके बाद उन्हें शिफा अस्पताल ले जाया जाएगा। लेकिन जांच पूरी होने के बाद इमरान को वापस अदियाला जेल भेज दिया गया। अदियाला जेल से निकलने से लेकर वापस जेल पहुंचने तक यह पूरा घटनाक्रम करीब छह घंटे चला। इमरान की बहन का आरोप है कि इस दौरान उन्हें इलाज के नाम पर अंधेरे में बैठाए रखा गया और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें लगातार गुमराह किया।

Imran Khan Health, Uzma Khan Allegations, Shehbaz Sharif Government
Image Source : APशिफा अस्पताल के बाहर तैनात पुलिस की गाड़ियां।

उज्मा खान का यह भी आरोप है कि अधिकारियों ने उन्हें मीडिया से बात नहीं करने की चेतावनी दी। उनसे कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत इमरान के परिवार को मीडिया के सामने बयान नहीं देना है। ऐसा करने पर कार्रवाई की बात भी कही गई। लेकिन बाद में उज्मा खान और इमरान की दूसरी बहन नूरीन नियाजी मीडिया के सामने आईं और उन्होंने पूरी घटना पर सवाल उठाए।

उज्मा के तमाम दावों को सरकार ने किया खारिज

उज्मा खान ने दावा किया कि इमरान खान की तबीयत बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि इमरान ने उनसे जेल में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की शिकायत की है। उज्मा ने बताया कि इमरान की आंख पर पट्टी थी और उनका चेहरा सूजा हुआ नजर आ रहा था। उनका आरोप है कि लंबे समय तक अकेले सेल में रखे जाने का असर इमरान के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इमरान को तारीख और महीने तक का ठीक से पता नहीं था।

उज्मा के मुताबिक, इमरान को यह भी स्पष्ट नहीं था कि अगस्त चल रहा है या जून-जुलाई। इमरान की हालत का जिक्र करते हुए उज्मा कई बार भावुक हुईं और रो पड़ीं। उनका आरोप है कि सरकार इमरान खान को लेकर कोई बड़ी साजिश कर रही है और उनकी जान को खतरा है। उज्मा का कहना है कि सरकार इमरान खान से इसलिए डरती है क्योंकि पाकिस्तान की बड़ी आबादी अब भी उनके साथ है। वहीं, सरकार लगातार इन दावों को खारिज कर रही है।

सरकार बोली- इमरान की सुरक्षा के लिए अस्पताल बदला

पाकिस्तान के संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने कहा कि इमरान खान को शिफा अस्पताल इसलिए नहीं ले जाया गया क्योंकि वहां उनकी सुरक्षा को खतरा था। सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ इमरान खान के इलाज और सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। सरकार ने इसी आधार पर उन्हें भीड़भाड़ वाले इलाके से दूर दूसरे अस्पताल में ले जाने का फैसला किया। सरकार का दावा है कि इमरान खान के सभी जरूरी मेडिकल चेकअप किए गए और उनकी सेहत ठीक है। सरकार के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन नहीं हुआ, बल्कि इमरान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल बदला गया।

ख्वाजा आसिफ ने कहा, इमरान खान बिल्कुल फिट हैं

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी इमरान खान की बहनों के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि इमरान खान की सेहत को राजनीतिक मुद्दा बनाकर लोगों को भावनात्मक रूप से भड़काना सही नहीं है। ख्वाजा आसिफ के मुताबिक, इमरान खान बिल्कुल फिट हैं। वह नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, ठीक से खाना खाते हैं और सरकार उनका पूरा ख्याल रख रही है।

Imran Khan Health, Uzma Khan Allegations, Shehbaz Sharif Government
Image Source : APइस्लामाबाद के शिफा अस्पताल के बाहर तैनात पुलिसकर्मी।

ख्वाजा आसिफ  ने यह भी कहा कि इमरान की बहन से उनकी मुलाकात कराई गई थी। हालांकि, उन्होंने बातचीत के दौरान इमरान खान के पुराने शासन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इमरान की सरकार ने भी विपक्षी नेताओं को जेल में डाला था और उनके साथ ज्यादती की थी। उनका कहना था कि इमरान खान ने जो किया था, अब वही उनके सामने आ रहा है।

PTI ने शहबाज सरकार के दावों को बताया झूठ

दूसरी तरफ इमरान खान की पार्टी PTI ने सरकार के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी के चेयरमैन गौहर अली खान ने कहा कि सरकार इमरान खान से डरती है और इसी वजह से उन्हें जेल में प्रताड़ित किया जा रहा है। गौहर अली खान का कहना है कि इमरान खान अपने राजनीतिक रुख से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इमरान एक पठान हैं और अपनी बात पर कायम रहने वाले व्यक्ति हैं। वह न तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का राजनीतिक फायदा उठाएंगे और न ही अपनी जान बचाने के लिए सरकार के सामने झुकेंगे। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि अगर सरकार ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करेगी तो पाकिस्तान में कानून का क्या मतलब रह जाएगा। उन्होंने कहा कि अब आगे क्या होगा, यह पाकिस्तान की जनता तय करेगी।

क्या इमरान को देश से बाहर भेजने की चर्चा हुई?

इस पूरे विवाद के बीच पाकिस्तान में कई तरह की अटकलें भी चल रही हैं। कुछ जानकारों और इमरान समर्थक हलकों की ओर से दावा किया जा रहा है कि सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की तरफ से इमरान खान को इलाज के लिए पाकिस्तान से बाहर भेजने का प्रस्ताव दिया गया था। इन दावों के मुताबिक, इसके साथ कुछ शर्तें भी रखी गई थीं, लेकिन इमरान ने कथित तौर पर यह प्रस्ताव ठुकरा दिया।

Imran Khan Health, Uzma Khan Allegations, Shehbaz Sharif Government
Image Source : APशिफा अस्पताल के बाहर से मीडिया को हटाते पुलिसकर्मी।

इमरान समर्थकों का मानना है कि इमरान का पाकिस्तान में रहना ही सेना और शहबाज शरीफ सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उनका आरोप है कि इसी वजह से उन्हें जेल से बाहर आने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। अब पूरा विवाद इसी सवाल पर आकर टिक गया है कि पाकिस्तान सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को किस तरह लागू करती है।

ये भी पढ़ें: 'ट्रंप ने बता दिया पाकिस्तान का असली लीडर कौन है', इमरान खान के पूर्व मंत्री ने दिया बड़ा बयान

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश