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इजरायल के लिए जासूसी करने पर शख्स को मिली खौफनाक सजा, ईरान ने फांसी पर लटकाया

 Published : May 28, 2025 05:10 pm IST,  Updated : May 28, 2025 05:10 pm IST

इजरायल के लिए ईरान में जासूसी करने के आरोप में दोषी मिले एक शख्स को तेहरान में अधिकारियों ने फांसी पर लटका दिया है। ईरान के सर्वोच्च अदालत द्वारा जासूस के दोषी ठहराये गए व्यक्ति की सजा बरकरार रखे जाने के बाद उसे फांसी पर चढ़ा दिया गया।

ईरान का फ्लैग (प्रतीकात्मक फोटो)- India TV Hindi
ईरान का फ्लैग (प्रतीकात्मक फोटो) Image Source : AP

तेहरान: ईरान ने इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में दोषी पाए गए एक व्यक्ति को बहुत ही खौफनाक सजा दी है। ईरानी अधिकारियों ने जासूस के आरोपी को फांसी पर लटका दिया है। सरकारी मीडिया ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की। फांसी की सजा पाए व्यक्ति की पहचान पेद्रम मदनी के रूप में की गई है, जिसकी उम्र 41 वर्ष बताई जा रही है। ईरान की सर्वोच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए उसकी मौत की सजा को मंजूरी दी थी, जिसके बाद उसे सजा-ए-मौत दी गई।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार पेद्रम मदनी ने कथित रूप से इजरायल की यात्रा की थी और वहां मोसाद अधिकारियों से मुलाकात की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने ईरान में कुछ "संवेदनशील इमारतों" और बुनियादी ढांचे से जुड़े स्थानों की गोपनीय जानकारी उन्हें प्रदान की थी। इन इमारतों में कथित तौर पर महत्वपूर्ण उपकरण और प्रतिष्ठान मौजूद थे। रिपोर्ट के अनुसार मदनी को इस जासूसी के बदले विदेशी मुद्रा और क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान मिला। इरना के हवाले यह भी दावा किया कि मदनी ने बेल्जियम में स्थित इजरायली दूतावास में मोसाद एजेंटों से मुलाकात की थी, जहां से उसे निर्देश मिले।

ऐसे हुई गिरफ्तारी 

ईरानी अधिकारियों ने पेद्रम मदनी को 2020 में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ विस्तृत जांच की गई और उसे देश की सुरक्षा को खतरे में डालने तथा विदेशी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने का दोषी पाया गया। अंततः ईरान की अदालतों ने उसे राजद्रोह और जासूसी के तहत मौत की सजा सुनाई। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी ईरान ने एक अन्य व्यक्ति को फांसी दी थी, जिसे मोसाद के साथ साजिश रचने और तेहरान में 2022 में रिवोल्यूशनरी गार्ड के कर्नल की हत्या में शामिल होने का दोषी पाया गया था। उस समय भी ईरानी सरकार ने विदेशी हस्तक्षेप और जासूसी नेटवर्क को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। अब तक इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद या किसी अन्य इजरायली अधिकारी ने इस फांसी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।  (एपी)

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