दुबई, संयुक्त अरब अमीरात: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुज़रने की कोशिश कर रहे जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में जहां अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है वहीं एयर स्ट्राइक का अभियान भी तेज कर दिया। इस दौरान एयर स्ट्राइक में ईरान के सात सैनिकों के मारे जाने और 260 से ज्यादा के घायल होने की खबर है। ईरानी अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिकी हमलों में ईरान की सेना की एक बैरक पर निशाना साधा गया। वहीं ईरान ने मिडिल ईस्ट से एनर्जी एक्सपोर्ट को रोकने की धमकी दी है। इससे एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता हुआ नजर आ रहा है।
अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक सात घंटे तक चले अमेरिकी अभियान में ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में 388वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड की बैरक भी शामिल है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में कम से कम सात सैनिक मारे गए, जबकि देशभर में 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हाल के दिनों में कुल 30 से अधिक लोगों की मौत होने का भी दावा किया गया है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, अमेरिकी ठिकानों पर दागे मिसाइल
उधर, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की दिशा में मिसाइल और ड्रोन दागे। इन देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। जॉर्डन ने दावा किया कि उसने तीन मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।
अंतरिम समझौता टूटा, आमने-सामने ईरान-अमेरिका
दरअसल, अमेरिका ने सबसे पहले अप्रैल में ईरान के खिलाफ नाकेबंदी लागू की थी और फिर पिछले महीने अंतरिम समझौते पर साइन करने के बाद इसे हटा लिया था। इस समझौते से लड़ाई रुकी थी और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर बातचीत के लिए 60 दिन का समय तय किया गया था। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर लड़ाई तेज़ होने के कारण ये बातचीत रुक गई है। वहीं वाशिंगटन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की पूरी कोशिश कर रहा है लेकिन उसकी राह आसान नहीं लग रही है।।
रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एनर्जी एक्सपोर्ट रोकने की दी धमकी
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने नाकेबंदी के कारण मिडिल ईस्ट से सभी एनर्जी एक्सपोर्ट रोकने की धमकी दी। उसने कहा कि इस इलाके से तेल और गैस का एक्सपोर्ट या तो सभी के लिए होगा या किसी के लिए नहीं। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि बेहतर होगा कि वह समझौता कर लें, वरना ईरान पास कुछ नहीं बचेगा। वहीं होर्मुज में ईरान और अमेरिका अब युद्ध की जिस स्थिति में जा रहे हैं उसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। अगर अभी भी दोनों देश समझौते तक नहीं पहुंचते हैं तो यह युद्ध कभी भी खतरनाक रूप ले सकता है। (इनपुट-एपी)
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