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'जहां हम तेल नहीं बेचेंगे, वहां और कोई नहीं बेचेगा', ईरान ने अमेरिका को दी बड़ी धमकी

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Sep 29, 2026 09:37 pm IST,  Updated : Sep 29, 2026 09:37 pm IST

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई तो क्षेत्र में तेल और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा प्रभावित होगी।

Iran Strait of Hormuz, Mohammad Bagher Ghalibaf, Iran US Tensions- India TV Hindi
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ। Image Source : PHOTO/X/@MB_GHALIBAF

Highlights

  • गालिबाफ ने कहा- ईरान सुरक्षित नहीं रहा तो क्षेत्र का कोई बुनियादी ढांचा सुरक्षित नहीं रहेगा।
  • ईरानी संसद अध्यक्ष ने होर्मुज को लेकर अमेरिका और दूसरे देशों को कड़ी चेतावनी दी।
  • अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर मध्यस्थों के जरिए बातचीत अभी जारी है।

तेहरान: ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने मंगलवार को अमेरिका और उसके साथी देशों को 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जहां ईरान तेल नहीं बेचेगा, वहां कोई और भी नहीं बेच पाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ईरान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो क्षेत्र में कोई भी बुनियादी ढांचा सुरक्षित नहीं रहेगा। गालिबाफ ने यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन हालिया बयानों के बाद दिया, जिनमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य और वहां से जहाजों के गुजरने की बात की थी।

'जहां हम तेल नहीं बेचेंगे, वहां कोई नहीं बेचेगा'

एक सार्वजनिक वीडियो कॉन्फ्रेंस में गालिबाफ ने ट्रंप के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,

'अमेरिका और दूसरे देशों को पता होना चाहिए कि जैसा हमने पहले कहा है, जिस इलाके में हम तेल नहीं बेचेंगे, वहां कोई भी तेल नहीं बेचेगा। अगर हमारी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती है, तो कोई भी बुनियादी ढांचा सुरक्षित नहीं रहेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य और वहां से जहाजों के गुजरने को लेकर बयान दिए हैं। उन्होंने इनमें सिर्फ पुराने दावे दोहराए हैं और इन बयानों की सच्चाई हर कोई जानता है।'

अमेरिका की मौजूदा कोशिशों पर भी निशाना

गालिबाफ ने ईरान की युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए अमेरिका की मौजूदा नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा,

'मैं ईरान की युवा पीढ़ी को याद दिलाना चाहता हूं कि आज अमेरिका की ओर से नौसैनिक नाकाबंदी लगाने, हवाई रास्ते बंद करने और देश के व्यापारिक रास्तों पर अधिकतम दबाव डालने की कोशिशें भी 1980 की तरह गंभीर योजना, आर्थिक प्रबंधन और सैन्य जवाब के जरिए नाकाम होंगी।'

गालिबाफ ने कहा कि जिस तरह ईरान ने पहले मुश्किल हालात का सामना किया था, उसी तरह वह आज भी किसी दबाव का जवाब देने में सक्षम है।

'ईरान धमकियों से डरने वाला नहीं'

गालिबाफ ने अमेरिका की ओर से कथित धमकियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लंबे इतिहास और मजबूत जड़ों वाले ईरान को घेराबंदी या धमकियों से डराया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी नेतृत्व इस बात को नहीं समझता है, तो उसे ईरानी लोगों की ओर से लगातार कड़े जवाब मिलते रहेंगे। गालिबाफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप के बयानों और ईरान को लेकर उनके रुख का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख से लगता है कि उनके व्यवहार में अभी कोई बदलाव नहीं आया है।

'किसी भी हमले का कड़ा जवाब देंगे'

गालिबाफ ने कहा कि ईरान किसी भी हमले या उकसावे का जवाब देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को समझना चाहिए कि ईरान को धमकाकर या डराकर पीछे नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने आगे कहा,

'व्हाइट हाउस के नेताओं को पता होना चाहिए कि ईरान किसी धमकी, बयानबाजी या हवाई और व्यापारिक नाकाबंदी के सामने पीछे नहीं हटेगा। किसी भी हमले और दुस्साहस का इस्लामी गणराज्य ईरान की ओर से कड़ा, सटीक और तेज जवाब दिया जाएगा, जिसका उन्हें पछतावा होगा।'

ईरानी विदेश मंत्री तेहरान लौटे

गालिबाफ के बयान के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची न्यूयॉर्क में अपने कार्यक्रम और कूटनीतिक बातचीत पूरी करने के बाद तेहरान के लिए रवाना हो गए। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक, उन्होंने न्यूयॉर्क में कई कूटनीतिक बैठकों और बातचीत में हिस्सा लिया। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है। CNN से सोमवार को एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अंतिम समझौते के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को प्रतिबंधों में राहत देने और उसके कुछ फ्रीज किए गए पैसे जारी करने के लिए तैयार हो सकते हैं।

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