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सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहली बार भारत आएंगे पाकिस्तान के विदेशमंत्री, SCO सम्मेलन में शामिल होंगे बिलावल भुट्टो

 Published : Apr 20, 2023 03:51 pm IST,  Updated : Apr 20, 2023 03:51 pm IST

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहली बार पाकिस्तान का कोई नेता भारत आ रहा है।पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी अगले महीने भारत में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेंगे।

बिलावल भुट्टो, पाकिस्तान के विदेश मंत्री- India TV Hindi
बिलावल भुट्टो, पाकिस्तान के विदेश मंत्री Image Source : AP

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहली बार पाकिस्तान का कोई नेता भारत आ रहा है।पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी अगले महीने भारत में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जेहरा बलूच ने यहां साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की। बलूच ने कहा, “बिलावल भुट्टो जरदारी भारत के गोवा में 4-5 मई, 2023 को होने वाली एससीओ विदेश मंत्री परिषद (सीएफएम) की बैठक में पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।” इसके साथ ही हफ्तों से चली आ रही इन अटकलों पर विराम लग गया कि भुट्टो व्यक्तिगत रूप से सम्मेलन में हिस्सा लेंगे या नहीं।

 

बलूच ने कहा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर के निमंत्रण पर सम्मेलन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, “बैठक में हमारी भागीदारी एससीओ चार्टर और प्रक्रियाओं के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता और पाकिस्तान की विदेश नीति की प्राथमिकताओं में क्षेत्र को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है।” यह हाल के वर्षों में किसी भी पाकिस्तानी नेता का भारत का पहला उच्चस्तरीय दौरा होगा। इससे दोनों देशों के संबंधों में आई कड़वाहट के कम होने की उम्मीद है।

पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान पर भारत ने की थी सर्जिकल स्ट्राइक

फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर को नष्ट कर दिया था, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे। अगस्त 2019 में भारत ने जम्मू- कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेकर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों में और कड़वाहट पैदा हो गई। एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में हुए रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों के शिखर सम्मेलन में की गई थी। बाद के वर्षों में यह सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में से एक बनकर उभरा। भारत और पाकिस्तान 2017 में चीन में स्थित एससीओ के स्थायी सदस्य बने थे।

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