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पाकिस्तान में आम चुनाव की तारीख 11 फरवरी से फिर बदली, जानिए अब कब होंगे इलेक्शन?

 Written By: Deepak Vyas
 Published : Nov 02, 2023 09:55 pm IST,  Updated : Nov 03, 2023 06:45 am IST

पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता के बाद अब चुनाव की तारीखों को लेकर भी अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। हालांकि अब राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने चुनाव की नई तारीखों की घोषणा कर दी है। हालांकि इससे पहले ही गुरुवार को ही पाकिस्तान के चुनाव आयोग द्वारा पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में 11 फरवरी की चुनाव की तारीख बताई गई थी।

पाकिस्तान में आम चुनाव की तारीख 11 फरवरी से फिर बदली- India TV Hindi
पाकिस्तान में आम चुनाव की तारीख 11 फरवरी से फिर बदली Image Source : SOCIAL MEDIA

Pakistan Election News: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने आम चुनाव की तारीख 11 फरवरी से बदलकर 8 फरवरी, 2024 करने की घोषणा की। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी की ओर से यह आधिकारिक बयान सामने आया है। इससे पहले पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर आम चुनाव की तारीख की घोषणा की थी। इस ऐलान के मुताबिक चुनाव अब अगले साल 11 फरवरी को कराए जाने थे। यह जानकारी चुनाव आयोग के एक वकील ने पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट को याचिकाओं की सुनवाई के दौरान बताई। चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया था कि 30 नवंबर को परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव होंगे। शुरू में ईसीपी ने कहा था कि चुनाव जनवरी के अंतिम सप्ताह में होंगे, लेकिन राजनीतिक दलों की मांग के बावजूद कोई सटीक तारीख नहीं दी गई। इस तरह 11 फरवरी के बाद ​एक बार फिर चुनाव की तारीख बदल गई। अब चुनाव 8 फरवरी को कराए जाएंगे।

असेंबली भंग होने के बाद 90 दिन की मिलती है समय सीमा

शहबाज शरीफ की सरकार के इस्तीफा देने और पाकिस्तान की नेशनल असेंबली भंग होने के बाद चुनाव कराने की समय सीमा आमतौर पर 90 दिन की होती है, जो 7 नवंबर को समाप्त होने वाली थी। हालांकि पाक के चुनाव आयोग ने उसी साल मार्च और अप्रैल में में देशभर में नई जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया को पूरा करने का निर्णय किया है। 

कहां फंसा हुआ था पेंच?

पाकिस्तान संविधान के मुताबिक, संसद के भंग किए जाने के 90 दिनों के भीतर चुनाव होना चाहिए। हालांकि, इस बीच जनगणना का मामला फंसा हुआ था। संसद के भंग होने के बाद से ही यह आशंका जताई जा रही थी कि पाकिस्तान में संवैधानिक समय-सीमा के भीतर चुनाव नहीं हो सकते।

पहले 7 नवंबर को पाकिस्तान में होना था चुनाव

7 नवंबर को इस समय सीमा की समाप्ति के बावजूद ईसीपी ने जनगणना पेंडिंग होने की वजह से चुनाव की तारीख को आगे बढ़ाने की अपील की थी। अप्रैल 2022 में इमरान खान सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद से ही पाकिस्तान राजनीतिक संकट में फंसा हुआ है। शहबाज शरीफ की सरकार के समय पाकिस्तान बेतहाशा महंगाई से घिर गया और पाकिस्तान कंगाली की हालत में पहुंच गया। इसी बीच इमरान खान ने चुनाव कराने के लिए जी तोड़ कोशिश की। लेकिन उन पर कई कोर्ट केस लगे और जेल में डाल दिया गया। यही नहीं, उन पर चुनाव लड़ने को लेकर चुनाव आयोग ने पहले ही रोक लगा रखी है। इमरान पर सैकड़ों केसेस पेंडिंग हैं, इनमें तोशखाना केस अहम है। 

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