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Iran-US War: होर्मुज को खुलवाने के लिए मैक्रों और कीर स्टार्मर ने बुलाया अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, अमेरिका से बनाई दूरी

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Apr 17, 2026 11:29 am IST,  Updated : Apr 17, 2026 11:30 am IST

Iran-US War: होर्मुज को दोबारा खुलवाने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन की अगुवाई में शुक्रवार को पेरिस में अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन चल रहा है, जिसमें दर्जनों देश भाग ले रहे हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज। - India TV Hindi
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज। Image Source : PTI

पेरिस: इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते तेहरान द्वारा पूरी तरह ब्लॉकेड किए गए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन ने अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन बुला लिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर शुक्रवार को दर्जनों देशों के साथ बैठक कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका को इसमें शामिल नहीं किया गया है। ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की योजना को आगे बढ़ाया जा सके। 

होर्मुज क्यों ही दुनिया के लिए अहम

यह महत्वपूर्ण तेल मार्ग अमेरिका-इज़रायल और ईरान युद्ध के कारण बंद हो गया है। पेरिस में हो रही यह बैठक उन देशों के प्रयासों का हिस्सा है, जो इस संघर्ष में शामिल नहीं हैं और न ही इसे शुरू किया था। होर्मुज की नाकाबंदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने इस संकरे जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। इस रास्ते से दुनिया के कुल तेल के पांचवें हिस्से की सप्लाई होती थी। हॉर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री नौवहन स्वतंत्रता पहल” नाम से जानी जा रही इस योजना की तैयारी में अमेरिका शामिल नहीं है।

होर्मुज में जहाजों का आवागमन सुरक्षित बनाने की पहल

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को हो रहे इस सम्मेलन से पहले एक्स पर लिखा कि होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा के लिए मिशन “सख्ती से रक्षात्मक” होगा। यह केवल गैर-युद्धरत देशों द्वारा संचालित किया जाएगा और इसे “सुरक्षा स्थितियां अनुमति देने पर” तैनात किया जाएगा। मैक्रों और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व किया है। स्टार्मर ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह “दुनिया की अर्थव्यवस्था को फिरौती” में रखे हुए है। ट्रम्प द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर जवाबी नाकेबंदी की घोषणा से आर्थिक खतरा और बढ़ गया है। 

स्टार्मर ने किया ये आह्वान

ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने बैठक से पहले कहा, “जलडमरूमध्य को बिना शर्त और तुरंत फिर से खोलना एक वैश्विक जिम्मेदारी है। हमें कार्रवाई करनी होगी, ताकि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार फिर से स्वतंत्र रूप से बह सके।” फ्रांस और ब्रिटेन ने सैन्य योजना की बैठकें भी आयोजित की हैं, जो यूक्रेन युद्ध में संभावित युद्धविराम के बाद सुरक्षा प्रदान करने के लिए बने “इच्छुक गठबंधन” की याद दिलाता है। फ्रांसीसी सैन्य प्रवक्ता कर्नल गिलॉम वर्नेट ने गुरुवार को कहा कि मिशन अभी भी “निर्माणाधीन” है। मैक्रों के कार्यालय ने कहा कि भाग लेने वाले देश “अपनी क्षमता के अनुसार” योगदान देंगे।

स्थायी युद्धविराम के बाद सुरक्षा स्थिति के आधार पर जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने के विकल्प तय किए जाएंगे। एक फ्रांसीसी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “महत्वपूर्ण बात यह है कि जहाज संचालक यह सुनिश्चित कर सकें कि अगर उनका जहाज जलडमरूमध्य से गुजरेगा तो उसे कोई नुकसान नहीं होगा। इसके लिए खुफिया जानकारी, माइन क्लियरिंग क्षमता, सैन्य एस्कॉर्ट, तटीय देशों के साथ संचार प्रक्रिया आदि की जरूरत पड़ सकती है।”

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