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रूस में 8.8 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी का खतरा बरकरार, 4 मीटर ऊंचाई तक उठी लहरें

 Published : Jul 31, 2025 01:26 pm IST,  Updated : Jul 31, 2025 01:26 pm IST

रूस के कामचाटका प्रयाद्वीप में 8.8 त्रीव्रता के भूकंप के बाद बृहस्पतिवार को मॉस्को के तटीय इलाकों में 4 मीटर तक समुद्री लहरें देखी गईं। जापान, अमेरिका, इटली, चीन समेत एक दर्जन से अधिक देशों मे सुनामी के खतरों का अलर्ट जारी है।

सुनामी के अलर्ट के बाद ऊंचाई पर खड़े लोग। - India TV Hindi
सुनामी के अलर्ट के बाद ऊंचाई पर खड़े लोग। Image Source : AP

मेलबर्न: रूस के कामचाटका प्रायद्वीप में बुधवार सुबह आए 8.8 तीव्रता के भूकंप ने पूरे प्रशांत क्षेत्र में सुनामी की चेतावनियों और जन निकासी की प्रक्रिया को ट्रिगर कर दिया है। इससे लोग अभी भी दहशत में हैं। रूस के तटीय इलाकों में इस बीच 4 मीटर से ज्यादा समुद्री लहरें उठती देखी गईं। समुद्र में पूरी तरह से उथल-पुथल मची है। इससे समुद्री जीव भी जल से निकलकर बाहर की ओर आ रहे हैं। 

रूस से लेकर, जापान, चीन और अमेरिका तक समुद्र में हलचल

रूस में आए भयंकर भूकंप के बाद सुनामी का असर कई देशों में देखा जा रहा है। रूस में कुछ स्थानों पर 4 मीटर ऊंची लहरें देखी गईं, जबकि जापान, हवाई, चीन और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में लहरें 30 सेंटीमीटर से 3 मीटर के बीच हो सकती हैं। मगर चेतावनी दी गई है कि 

सुनामी लहरें अचानक तेज हो सकती हैं। वैज्ञानिक बताते हैं कि लहरों की ऊंचाई अंतिम समय तक सटीक अनुमान नहीं लगाई जा सकती। तटीय स्थल की भौगोलिक स्थिति और समुद्र की गहराई लहरों को अप्रत्याशित रूप से खतरनाक बना सकती हैं।

समय पर निकासी ज़रूरी है

सुनामी के खतरे को देखते हुए लाखों लोगों को तटीय क्षेत्रों से विस्थापित किया जा चुका है। क्योंकि देर से निकासी से अफरा-तफरी, यातायात जाम और जान का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए पहले से निकासी करना अधिक सुरक्षित होता है, भले ही खतरा कम दिखाई दे। 
अगर चेतावनी को नजरअंदाज किया गया, तो लोग समय पर नहीं निकलते। 

क्यों बार-बार चेतावनी देना ज़रूरी है?

2004 की हिंद महासागर सुनामी में 2.27 लाख से अधिक लोग मारे गए थे। वहीं 2011 की जापान सुनामी में, जहां चेतावनी और अभ्यास होने से 20,000 से कम मौतें हुईं। हालांकि जापान जैसे देशों में सुनामी अलार्म, ऊंचे सुरक्षित भवन और सरकारी अभ्यास हैं। अधिकांश विकासशील देशों में ये नहीं हैं, जिससे मौत दर ज्यादा होती है।

सुनामी चेतावनियों में सुधार कैसे आया?

पहले केवल भूकंप की स्थान और तीव्रता के आधार पर अनुमान लगाए जाते थे, जिससे कई फॉल्स अलार्म होते थे। अब DART सिस्टम (Deep-ocean Assessment and Reporting of Tsunamis) जैसी प्रणालियों से समुद्र की गहराई में दबाव परिवर्तन मापा जाता है, जिससे लहरों की सटीक ऊंचाई और खतरे का अनुमान बेहतर होता है।

क्या करना चाहिए?

यदि अधिकारियों द्वारा निकासी आदेश दिया गया है, तो उसे तुरंत मानें।"लहर छोटी है तो कुछ नहीं होगा" जैसी सोच जानलेवा साबित हो सकती है।पहले निकलना, सही रास्तों से निकलना, और सुनामी खत्म होने की आधिकारिक पुष्टि तक वापस न आना ही सबसे सुरक्षित तरीका है। पर चेतावनी और समझदारी भरा व्यवहार यही जीवन की गारंटी है।" (पीटीआई)

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