वाशिंगटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले महीने संभावित अमेरिका यात्रा से पहले दो शीर्ष अमेरिकी सीनेटरों ने सीनेट में एक विधेयक रखा है। अगर कांग्रेस इसे पारित कर देती है तो इससे भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों का स्तर उसी तरह का हो सकता है जैसे कि अमेरिका के साथ नाटो सहयोगियों तथा इस्राइल के घनिष्ठ संबंध हैं।
सीनेटर मार्क वार्नर और जॉन कोरनिन ने कल अमेरिका-भारत रक्षा प्रौद्योगिकी और भागीदारी कानून से संबंधित विधेयक को सीनेट में रखा । ये दोनों सीनेटर सीनेट इंडिया कॉकस के सह अध्यक्ष हैं । कानून आवश्यक कार्रवाई के लिए सीनेट की विदेश संबंध मामलों की समिति के पास भेजा गया है । विधेयक का इसी तरह का प्रारूप मार्च में प्रतिनिधि सभा में रखा गया था । कानून भारत को यह संदेश देते हुए कि अमेरिका एक विश्वसनीय और भरोसेमंद रक्षा भागीदार है, अमेरिका-भारत सुरक्षा संबंधों पर अमेरिका सरकार के फोकस को संस्थागत बनाता है ।
वार्नर ने विधेयक की सराहना करने वाली यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा जारी एक बयान में कहा, यह विधेयक हमारे द्विपक्षीय संबंधों, खासकर रक्षा क्षेत्र में, को मजबूत करने का समर्थन करता है और भारत को वह स्तर प्रदान करता है कि वह एशिया तथा विश्व में सुरक्षा को बढ़ावा देने में एक भागीदार के रूप में हक रखता है।









