Israel US Iran War Ceasefire Live: ईरान और अमेरिका में आखिरकार 2 हफ्ते का सीजफायर हो गया है। संयुक्त राष्ट्र ने ईरान-अमेरिका के बीच हुए युद्ध विराम समझौते का स्वागत किया है। यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ए्क्स पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान द्वारा घोषित दो सप्ताह के युद्धविराम का स्वागत करता हूं। मैं सभी पक्षों से अपील करता हूं कि वे इसके नियमों का पालन करें, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हो सके। यूरोपीय संघ इन प्रयासों को समर्थन देने के लिए तैयार है और क्षेत्र के अपने साझेदारों के साथ निरंतर संपर्क में है। मैं पाकिस्तान और इस समझौते को सुगम बनाने में शामिल सभी पक्षों का आभार व्यक्त करता हूं।
अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत का पहला बयान सामने आया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक्स पर जारी स्टेटमेंट में कहा कि हम युद्धविराम के इस फैसले का स्वागत करते हैं। उम्मीद है कि इस पहल से पश्चिमी एशिया में शांति आएगी। हम पहले भी असैन्यीकरण, डायलॉग और डिप्लोमेसी से इसके समाधान की वकालत करते रहे हैं। इस संघर्ष के कारण लोगों को भारी पीड़ा झेलनी पड़ी है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति एवं व्यापार नेटवर्क बाधित हो गए हैं। हमें उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा।
भारत स्थित ईरान के दूतावास ने अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की उस पोस्ट को रिपोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम दुश्मन को उसके घुटनों पर ला देंगे। ईरान ने इस पोस्ट को शेयर करते लिखा है कि आपने हमें सिखाया और हमने उसका पालन किया। ईरान का दावा है कि अमेरिका ने उसके आगे सरेंडर कर दिया है और उसकी 10 शर्तों को ट्रंप ने मान लिया है।
साउथ अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने एक पोस्ट में कहा, इतिहास में इसे याद रखा जाए-
- हमने कभी युद्ध शुरू नहीं किया।
- हमने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया।
- हमने बच्चों की हत्या नहीं की।
- हमने अपनी मातृभूमि की रक्षा की, जो हमारे लिए हमारे जीवन से भी अधिक प्रिय है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की शर्तों पर ईरान पर 2 हफ्ते तक हमले नहीं करने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान से हमें 10 सूत्रीय प्रस्ताव मिला है, जिस पर हम विचार कर रहे हैं। इस बीच ट्रंप ने दावा किया है कि उनका मानना है कि ईरान को चीन ने बातचीत के लिए राजी किया है। इससे पहले ट्रंप ने पाकिस्तान को ईरान को सीजफायर के लिए मनाने के लिए धन्यवाद किया था। वहीं ईरान की ओर से युद्ध विराम की बड़ी शर्त सामने आई है। इसमें कहा गया है कि ईरान युद्ध विराम होने पर होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों से 20 लाख अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना वसूलेगा।
वहीं ईरान का दावा है कि हमारी 10 शर्तों को ट्रंप ने मान लिया है। अगर हमारे ऊपर अब हमला नहीं होता तो हमारी सेना 2 हफ्ते तक सीजफायर का पालन करेगी। इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने तत्काल हमले रोकने का आदेश दिया है। 'ट्रंप ने सीजफायर के ऐलान के बाद ये पोस्ट किया था-
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा-10 शर्तों पर हुए राजी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी 10 शर्तों के प्रस्तावों को ट्रंप द्वारा माने जाने पर राजी हुई है। अब्बास अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की ओर से मैं अपने प्रिय भाइयों, पाकिस्तान के माननीय प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर का इस क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के लिए उनके अथक प्रयासों के लिए हार्दिक आभार और सराहना व्यक्त करता हूं। प्रधानमंत्री शरीफ के ट्वीट में किए गए भाईचारे वाले अनुरोध के जवाब में तथा अमेरिका द्वारा उसके 15-पॉइंट प्रस्ताव के आधार पर वार्ता का अनुरोध करने और POTUS द्वारा ईरान के 10-पॉइंट प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को वार्ता का आधार मानने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए मैं ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से घोषणा करता हूं कि यदि ईरान पर हमले रोके जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपनी रक्षात्मक कार्रवाइयां बंद कर देंगी। आगामी दो सप्ताह की अवधि के लिए, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग संभव होगा, जो ईरान की सशस्त्र सेनाओं के साथ समन्वय करके और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए किया जा सकता है।"