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अब लड़कियां करेंगी लड़कियों से ही शादी, संसद में पारित इस कानून ने दी आजादी

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Dec 09, 2022 08:07 pm IST,  Updated : Dec 09, 2022 08:07 pm IST

Gay Marriage Freedom in America: कहते हैं प्यार कहीं भी, किसी से भी और कभी भी हो सकता है। मगर जब लड़कियों को लड़कियों से ही प्यार हो जाता है या फिर लड़कों को लड़कों से ही प्रेम हो जाता है और वह आपस में शादी करना चाहते हैं तो कानून आड़े आ जाता है। इसके लिए बहुत से जोड़े कानूनी मान्यता पाने के लिए संघर्ष भी करते हैं।

अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन करते समलैंगिक(फाइल फोटो)- India TV Hindi
अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन करते समलैंगिक(फाइल फोटो) Image Source : AP

Gay Marriage Freedom in America: कहते हैं प्यार कहीं भी, किसी से भी और कभी भी हो सकता है। मगर जब लड़कियों को लड़कियों से ही प्यार हो जाता है या फिर लड़कों को लड़कों से ही प्रेम हो जाता है और वह आपस में शादी करना चाहते हैं तो कानून आड़े आ जाता है। इसके लिए बहुत से जोड़े कानूनी मान्यता पाने के लिए संघर्ष भी करते हैं। क्योंकि समाज आमतौर पर ऐसे रिश्तों को मान्यता नहीं देता। मगर अब ऐसे लोगों के लिए अमेरिकी संसद ने कानून बना दिया है। इसके तहत लड़कियों की लड़कियों से और लड़कों की लड़कों से ही शादी हो सकेगी। यानि समलैंगिग  विवाह को अब अमेरिका कानूनी मान्यता देगा। समलैंगिक प्रवृत्ति के लोगों के लिए इसे सबसे बड़ी खबर के तौर पर देखा जा रहा है।

अमेरिकी संसद के निचले सदन ‘प्रतिनिधि सभा’ ने भी बृहस्पतिवार को समलैंगिक विवाह को संरक्षण देने वाले विधेयक को आखिरकार अंतिम मंजूरी दे दी। संसद के ऊपरी सदन ‘सीनेट’ में पहले ही इसे मंजूरी मिल चुकी है। इस तरह यह विधेयक संसद में पारित हो गया। राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि वह इस विधान पर शीघ्र हस्ताक्षर कर देंगे, जिसके तहत सभी राज्यों को समलैंगिक विवाह को मान्यता देना जरूरी है। राष्ट्रव्यापी मान्यता के लिए दशकों लंबे संघर्ष की दिशा में यह एक बड़ा कदम है जो सामाजिक रुख में बड़े बदलाव को दर्शाता है। यह उन हजारों युगल के लिए राहत की बात है, जिन्होंने 2015 में उच्चतम न्यायालय के उस फैसले के बाद शादी रचाई है जिसमें इन विवाहों को वैध ठहराया गया था। लेकिन ये युगल फैसले को पलट दिये जाने की आशंका के कारण चिंतित थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया महत्वपूर्ण कदम

मतदान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस विधान को यह सुनिश्चित करने के लिहाज से ‘महत्वपूर्ण कदम’ करार दिया कि अमेरिकियों के पास अधिकार होगा कि वह अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करें। उन्होंने कहा कि इस विधान ने देशभर के लाखों युवाओं को गरिमा और उम्मीद प्रदान की है जो यह जानते हुए बड़े हो सकते हैं कि वे जिस परिवार का निर्माण करेंगे उसे उनकी सरकार मान्यता और सम्मान देगी। विधेयक को 169 के मुकाबले 258 मतों से पारित किया गया, जिसमें रिपब्लिकन के 39 वोट शामिल हैं। यह विधेयक अंतरजातीय संघों को भी संरक्षण प्रदान करेगा जिसके तहत राज्यों के लिए लिंग, नस्ल, प्रजाति और मूल राष्ट्रीयता से परे वैध विवाह को मान्यता देना आवश्यक होगा। महीनों तक विचार-विमर्श के बाद संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने पिछले हफ्ते इस विधेयक को पारित किया था जिसमें 12 रिपब्लिकन ने वोट दिया था। डेमोक्रेट ने सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद तेजी से विधेयक को प्रतिनिधि सभा और सीनेट में पेश किया।

चार दशकों से संघर्ष लाया रंग
आगामी जनवरी में पद से हट रहीं प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा, ‘‘यह जादू है, यह विधेयक प्रेम और आजादी की शानदार विजय है।’’ एलजीबीटीक्यू समुदाय पर किये गये हिंसक हमलों के बीच बृहस्पतिवार का मतदान हुआ। इसके पहले कोलोराडो स्थित समलैंगिक नाइट क्लब में गोलीबारी के दौरान पांच लोगों की मौत हो गई थी और कम से कम 17 लोग घायल हो गये थे। सार्वजनिक रूप से खुद को समलैंगिक घोषित करने वाले पहले सीनेटर बाल्डविन समलैंगिकों के अधिकार के लिए करीब चार दशक से संघष कर रहे हैं। बाल्डविन ने कहा, ‘‘हम इन प्यारे युगलों को स्थायित्व प्रदान कर रहे हैं कि उनका विवाह वैध है। शादीशुदा अन्य युगल की तरह वे समान अधिकार, जिम्मेदारी और लाभ के हकदार होंगे।’’ बाल्डविन ने कहा, ‘‘हम इन अमेरिकियों से कह रहे हैं कि हम उनका ख्याल रखेंगे और उनको सम्मान देंगे।’

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