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अमेरिका में पेंटागन ने उठाया बड़ा कदम, सेना से इसलिए बाहर किए जाएंगे करीब 1000 सैनिक

 Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : May 09, 2025 07:42 am IST,  Updated : May 09, 2025 07:42 am IST

पेंटागन ने नया आदेश जारी कर ट्रांसजेंडर सैनिकों को सेना से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे सैनिकों के मेडिकल रिकॉर्ड्स की जांच की जाएगी। कोर्ट के फैसले के बाद ट्रांसजेंडर की भर्ती और इलाज पर रोक लगा दी गई है।

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अमेरिकी सेना से ट्रांसजेंडर सैनिकों को निकाला जाएगा। Image Source : AP

वॉशिंगटन: अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने गुरुवार को एक नया आदेश जारी किया जिसके तहत 1000 ट्रांसजेंडर सैनिकों को तुरंत सेना से हटाया जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि बाकियों को 30 दिन में अपनी ट्रांसजेंडर पहचान बतानी होगी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्साहित रक्षा विभाग अब मेडिकल रिकॉर्ड्स की जांच करेगा ताकि उन लोगों को ढूंढा जाए जो सामने नहीं आए हैं। बता दें कि कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को ट्रांसजेंडर लोगों पर सैन्य प्रतिबंध लागू करने की अनुमति दी थी। नया मेमो जारी करते हुए रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कोर्ट के फैसले के बाद अपनी राय साफ कर दी।

‘अब DoD में और ट्रांसजेंडर नहीं’

हेगसेथ ने कोर्ट के फैसले के बाद X पर पोस्ट किया, ‘अब DoD में ट्रांसजेंडर नहीं।’ कोर्ट के फैसले के पहले हेगसेथ ने टाम्पा में एक स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ‘अब कोई प्रोनाउन्स नहीं। वर्दी में अब कोई डूड नहीं। हम इन सारी चीजों से तंग आ चुके हैं।’ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह बताना मुश्किल है कि कितने ट्रांसजेंडर सैनिक हैं, लेकिन मेडिकल रिकॉर्ड्स से उन लोगों का पता चलेगा जिन्हें जेंडर डिस्फोरिया डायग्नोस हुआ है, जिनमें लक्षण दिखते हैं या जिनका इलाज चल रहा है। ऐसे सैनिकों को जबरदस्ती सेना से निकाला जाएगा, और जेंडर डिस्फोरिया डायग्नोस वाले किसी भी व्यक्ति को भर्ती नहीं किया जाएगा।

इलाज में खर्च हुए 52 मिलियन डॉलर

बता दें कि जेंडर डिस्फोरिया तब होता है जब किसी व्यक्ति का बायोलॉजिकल सेक्स उनकी जेंडर आइडेंटिटी से मेल नहीं खाता। अधिकारियों के मुताबिक, 9 दिसंबर 2024 तक, एक्टिव ड्यूटी, नेशनल गार्ड और रिजर्व में 4,240 सैनिकों में जेंडर डिस्फोरिया डायग्नोस हुआ था। अधिकारियों का मानना है कि यह संख्या और ज्यादा हो सकती है। जेंडर डिस्फोरिया डायग्नोस का पता लगाना आसान होगा क्योंकि यह उनके मेडिकल रिकॉर्ड में होगा। एक रक्षा अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 2015 से 2024 के बीच, साइकोथेरेपी, जेंडर-अफर्मिंग हार्मोन थेरेपी, जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी और अन्य इलाज के लिए कुल 52 मिलियन डॉलर खर्च हुए थे।

अमेरिका में करीब 21 लाख सैनिक सेवा में

बता दें कि अमेरिका में कुल मिलाकर करीब 21 लाख सैनिक सेवा में हैं। गुरुवार को जारी मेमो फरवरी में भेजे गए मेमो जैसा ही है, लेकिन उस समय कई मुकदमों के कारण कार्रवाई रुक गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि प्रशासन ट्रांसजेंडर लोगों पर सैन्य प्रतिबंध लागू कर सकता है, जबकि अन्य कानूनी चुनौतियां चलती रहेंगी। नई गाइडलाइंस के तहत, एक्टिव ड्यूटी सैनिकों को 6 जून तक और नेशनल गार्ड व रिजर्व सैनिकों को 7 जुलाई तक अपनी पहचान वॉलंटरी तौर पर बतानी होगी।

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