Sonbarsha Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। राज्य की कुल 243 सीटों में से एक अहम सीट सोनबरसा है, जहां पहले चरण में 6 नवंबर को वोटिंग होगी और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इस चुनावी रण में नीतीश कुमार सरकार द्वारा घोषित नई योजनाओं और 'जन सुराज' जैसे नए राजनीतिक दलों की एंट्री से इस बार का चुनावी रण और भी दिलचस्प हो गया है, जिसे जीतने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां पूरी ताकत झोंक रही हैं।
क्या रहे पिछले चुनाव के नतीजे?
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में दल (यूनाइटेड) के रत्नेश सदा ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के तरणी ऋषिदेव को 13,466 वोटों के अंतर से हराया था। वहीं, 2015 के बिहार चुनाव में रत्नेश सदा ने लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) की उम्मीदवार सरिता देवी को 53,763 वोटों के अंतर से हराया था।
2020 के चुनाव परिणाम
- रत्नेश सदा (JDU): 67,678 वोट (40.2%)
- तरणी ऋषिदेव (कांग्रेस): 54,212 वोट (40.2%)
- सरिता देवी (LJP): 13,566 वोट (8.06%)
- NOTA: 1,701 वोट (1.01%)
2015 के चुनाव परिणाम
- रत्नेश सदा (JDU): 88,789 वोट (59.66%)
- सरिता देवी (LJP): 35,026 वोट (59.66%)
- NOTA: 6,449 वोट (4.33%)
सोनबरसा सीट का चुनावी इतिहास
बिहार की सोनबरसा विधानसभा सीट (वर्तमान में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) का चुनावी इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन पिछले एक दशक से इस पर जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) का मजबूत वर्चस्व स्थापित है। 2008 में परिसीमन के बाद 2010 से यह सीट आरक्षित श्रेणी में आई और तब से जेडीयू के रत्नेश सदा लगातार तीन बार (2010, 2015 और 2020) विधायक चुने गए हैं।
परिसीमन से पहले, यह सीट एक सामान्य सीट थी, जहां 2000 और 2005 (दोनों चुनावों में) में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के रामचंद्र पुर्वे ने जीत हासिल की थी। वहीं, 1957 में इस सीट पर कांग्रेस ने पहली जीत दर्ज की थी। कांग्रेस यहां से 4 बार जीत चुकी है।