1. Hindi News
  2. बिहार
  3. बिहार: सीतामढ़ी में मंदिर बनाने को लेकर सियासत, बीजेपी और JDU आमने-सामने

बिहार: सीतामढ़ी में मंदिर बनाने को लेकर सियासत, बीजेपी और JDU आमने-सामने

 Edited By: Akash Mishra
 Published : Nov 26, 2022 01:25 pm IST,  Updated : Nov 26, 2022 01:25 pm IST

बिहार में मंदिर के नाम पर सियासत कोई नई बात नहीं है। इसी क्रम में अब मां जानकी की जंमस्थली सीतामढ़ी के पुरौना धाम में भव्य मंदिर बनाने को लेकर बीजेपी और JDU में बयानबाजी शुरू हो गई है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : ANI

बिहार में मंदिर के नाम पर सियासत कोई नई बात नहीं है। इसी क्रम में अब मां जानकी की जंमस्थली सीतामढ़ी के पुरौना धाम में भव्य मंदिर बनाने को लेकर बीजेपी और JDU में बयानबाजी शुरू हो गई है। JDU ने अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर की तरह बिहार में भी सीता माता की जन्मस्थली सीतामढ़ी में माता सीता का मंदिर बनाए जाने की मांग की है। बिहार के मंत्री और JDU के वरिष्ठ नेता विजेंद्र यादव ने कहा कि जिस तरह से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में बीजेपी नेता बढ़ चढ़कर शामिल हुए, उसी तरह माता सीता के मंदिर के लिए पहल क्यों नहीं की जा रही है।

'यह बिहार और मिथिलांचल की उपेक्षा है'

JDU के नेता ने कहा कि अयोध्या में मंदिर का नाम राम मंदिर दिया जा रहा है, जबकि उसका नाम सीता राम होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने अगर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया तो उनका दायित्व बनता है कि बिहार में माता सीता के मंदिर का निर्माण कराए। यह महिलाओं के प्रति अपमान का सवाल है। JDU मंत्री ने आगे कहा कि यह बिहार और मिथिलांचल की उपेक्षा है।

'सीएम नीतीश बताएं वह कितनी बार सीती माता के मंदिर गए'

उधर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार बताएं कितनी बार वह जनकपुर गए और माता सीता के मंदिर में गए? जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद माता सीता के घर गए थे। बीजेपी की सरकार ने राम जानकी हाईवे बनवाया और साथ ही अब अयोध्या से जनकपुर तक ग्रीन फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। 

भाजपा नेता और सांसद सुशील मोदी ने कहा कि अयोध्या श्रीराम की जन्मभूमि है और वहां पहले श्रीराम का मंदिर था, यह बात जब पुरातात्विक प्रमाणों से अदालत में सिद्ध की जा चुकी है, तब बिहार सरकार के एक मंत्री उसे सीता-मंदिर नाम देने की बात कर नया विवाद क्यों पैदा करना चाहते हैं?

'रामायण संस्कृति का सम्मान करना केवल भाजपा का दायित्व नहीं है'

भाजाप नेता ने कहा कि मंदिर का निर्माण, नामकरण और पुनरुद्धार जैसे काम संतों-श्रद्धालुओं के हैं, भाजपा या किसी राजनीतिक दल का नहीं, लेकिन मंत्री इस पर राजनीति कर रहे हैं। भाजपा सांसद ने कहा कि श्रीराम, देवी सीता और रामायण संस्कृति का सम्मान करना केवल भाजपा का दायित्व नहीं है, लेकिन मंत्री के बयान से लगता है कि सीता-राम से JDU और महागठबंधन सरकार का कोई वास्ता नहीं है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।