सुपौल: बिहार के सुपौल के वीरपुर थाना क्षेत्र के खोंनटाहा गांव में आज उस वक्त अफरातफरी मच गई,जब ग्रामीणों ने सड़क पर करीब आठ फीट लंबा मगरमच्छ घूमते हुए देखा। यह मगरमच्छ नदी से निकलकर रिहायशी इलाके में आ गया था। बीच सड़क पर इतने बड़े मगरमच्छ को देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। देखते ही देखते इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
रिहायशी इलाके के बीच सड़क तक कैसे पहुंचा मगरमच्छ
लोगों के लिए सबसे हैरानी की बात यह थी कि मगरमच्छ कोसी नदी के किनारे से निकलकर रिहायशी इलाके के बीच सड़क तक कैसे पहुंच गया। मगरमच्छ के सड़क पर होने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल वीरपुर पुलिस और वन विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद भीमनगर और वीरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने लोगों से मगरमच्छ से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। साथ ही भीड़ को नियंत्रित करते हुए किसी को भी मगरमच्छ के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई।
वनकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद पकड़ा
इसके बाद वन विभाग,वीरपुर की टीम भी मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई को देखते रहे। वन विभाग की टीम मगरमच्छ को अपने साथ ले गई,जिसे बाद में उसके प्राकृतिक आवास कोसी नदी में छोड़ने की बात कही गई। मौके पर मौजूद फॉरेस्ट गार्ड जय कृष्ण कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से मगरमच्छ के सड़क पर आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी प्रयास के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि मगरमच्छ को कोसी नदी में ले जाकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं
दरअसल, वीरपुर और आसपास का पूरा इलाका कोसी नदी के तटीय क्षेत्र में आता है। वर्ष 2008 की कुसहा कोसी बाढ़ त्रासदी के बाद इस इलाके में मगरमच्छों की संख्या बढ़ने की बात स्थानीय स्तर पर कही जाती रही है। इससे पहले भी कई बार मगरमच्छ नदी क्षेत्र से निकलकर रिहायशी इलाकों तक पहुंच चुके हैं। ऐसे मामलों में वन विभाग की टीम द्वारा मगरमच्छों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाता रहा है। मंगलवार को एक बार फिर रिहायशी इलाके की सड़क पर करीब आठ फीट लंबे मगरमच्छ के मिलने से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। हालांकि वन विभाग की तत्परता से मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया और उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ने के लिए टीम अपने साथ ले गई।
रिपोर्ट-संत सरोज, सुपौल
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