बिहार की दानापुर सीट पर बीजेपी के राम कृपाल यादव ने 29133 वोट से जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 119877 वोट मिले। दूसरे नंबर पर राष्ट्रीय जनता दल के रीत लाल यादव रहे। उन्हें कुल 90744 वोट मिले। यहां पर मुख्य मुकाबला आरजेडी और बीजेपी के बीच माना जा रहा था। इसके अलावा जन सुराज पार्टी को भी प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। दानापुर विधानसभा सीट पर राजद ने रीतलाल यादव को अपना उम्मीदवार बनाया। वहीं, बीजेपी ने रामकृपाल यादव को मैदान में उतारा।
दानापुर का सियासी समीकरण?
दानापुर सीट बिहार की राजनीति में अहम भूमिका अदा करती है। यहां 3.5 लाख से ज्यादा वोटर्स हैं। यहां मेट्रो और एलीवेटेड रोड जैसी तमाम परियोजनाएं हैं, जो मुख्य फोकस में हैं। इसके अलावा यहां बाढ़, स्वास्थ्य सुविधाएं और जल निकासी जैसी तमाम समस्याएं एक बड़ा मुद्दा हैं। यहां यादव वोटरों की संख्या ज्यादा है। इसके बाद एससी और मुस्लिम वोटर्स हैं। इसीलिए यहां पर दोनों कैंडीडेट यादव जाति के ही हैं, जिनके बीच कांटे की टक्कर है। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि मौजूदा विधायक और आरजेडी से प्रत्याशी रीतलाल यादव रंगदारी के मामले में जेल में बंद हैं।
पिछले चुनावों में क्या रहा समीकरण?
बिहार में इस बार के विधानसभा चुनाव 2 फेजों में होंगे। पहले फेज के लिए वोटिंग 6 नवंबर और दूसरे फेज के लिए वोटिंग 11 नवंबर को होगी। चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को जारी किए जाएंगे। यहां मुख्य मुकाबला NDA और महागठबंधन के बीच है। पिछले तीन विधानसभा चुनावों (2010, 2015, 2020) में दानापुर में BJP और RJD के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली। 2010 और 2015 में BJP की आशा देवी सिन्हा ने जीत हासिल की, लेकिन 2020 में RJD के रीतलाल यादव ने यादव वोटों के दम पर जीत दर्ज की। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के उम्मीदवार रीतलाल यादव को 89,895 वोट मिले। रीतलाल यादव ने बीजेपी की उम्मीदवार आशा देवी को 15924 वोटों से हराया था। 2015 के विधानसभा चुनाव में दानापुर विधानसभा सीट से आशा देवी सिन्हा ने जीत दर्ज की थी। आशा सिन्हा को 72,192 वोट मिले थे। आरजेडी के उम्मीदवार राज किशोर यादव को 66,983 वोट मिले थे।