बिहार की सियासी सरजमीं पर हमेशा से चर्चा के केंद्र में रहने वाले मोकामा में अब राजनीति की नई इबारत लिखी जा रही है। यहां बाहुबली परिवारों की अगली पीढ़ी ने कमान भालनी शुरू कर दी है। एक तरफ पूर्व विधायक अनंत सिंह के बेटे अभिषेक सिंह तो दूसरी तरफ पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के बेटे अमितोष कुमार अब खुले तौर पर ताल क्षेत्र में मोर्चा संभाले नजर आ रहे हैं। दरअसल, हाल ही में हुई तीन लोगों की हत्याओं के बाद दोनों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की दुख की इस घड़ी में ढांढस बंधाया
मोकामा में हुई तीन हत्याओं के बाद परिवारों से की मुलाकात
दरअसल, पंचमहला और मोकामा क्षेत्र में हाल ही में हुई तीन लोगों की हत्याओं के बाद इलाके में उपजे तनाव को कम करने के लिए दोनों युवा चेहरे लगातार पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर रहे हैं और उन्हें हरसंभव मदद पहुंचा रहे हैं। दुख की इस घड़ी में परिजनों को ढांढस बंधाने के साथ-साथ दोनों युवाओं की सक्रियता का जनता के बीच अपना सीधा आधार मजबूत करने का प्रयास भी है।
सरकारी नौकरी और दस लाख रुपए मुआवज़ा की मांग
पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के बेटे अमितोष कुमार ने कहा कि जो हुआ उसे बदला नहीं जा सकता। लेकिन अब अब पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलना चाहि। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि पीड़ित के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दस लाख रुपए मुआवज़ा मिलना चाहिए। अमितोष ने कहा कि हम हर हाल में पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहेंगे। हम मोकामा की जनता का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे।
बता दें, मोकामा पर दशकों से इन दोनों परिवारों का प्रभाव रहा है, और अब जब शीर्ष नेता सीधे चुनावी मंचों से दूरी बनाए हुए हैं, तब दोनों बेटों का जमीन पर उतरना साफ संकेत दे रहा है कि विरासत की यह जंग अब अगली पीढ़ी के हाथों में आ चुकी है। स्थानीय गलियारों में यह चर्चा तेज हो चुकी है कि मोकामा की अगली सियासी रणनीति और सत्ता का ताज इन्हीं 'जूनियर बाहुबलियों' में से किसी एक के सिर सजेगा।
मोकामा से विकाश कुमार की रिपोर्ट
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