बिहार में नीतीशे कुमार हैं.... ये स्लोगन फिर से चर्चा में आ गया है। नीतीश कुमार बिहार में 10वीं पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) 83 सीटों पर जीत दर्ज कर रही है। एनडीए 200 के पार पहुंच गई है। एनडीए की सभी सहयोगी पार्टियों ने चुनाव में बहुत अच्छा परफॉर्म किया है। NDA की इस बंपर जीत के पीछे बिहार की महिलाओं का हाथ माना जा रहा है।
NDA और नीतीश दोनों को हुआ फायदा
इसी के साथ बिहार में नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री बन सकते हैं। बिहार में NDA की जीत के पीछे महिला वोटरों का बड़ा हाथ हैं। चुनाव के ऐलान से कुछ महीनों पहले महिलाओं को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी योजना लॉन्च की गई, जिसका प्रभाव चुनाव परिणामों में साफ दिखा है। इसका फायदा एनडीए और नीतीश कुमार दोनों को हुआ है।
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10 हजारी योजना की लाभार्थी महिलाएं
चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में 10 हजारी योजना की लाभार्थी महिलाओं ने एनडीए प्रत्याशियों को जमकर वोट किया है। इसके चलते बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बन सकती है। नीतीश कुमार सीएम हो सकते हैं।
क्या है ये योजना?
बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana) से है। जिसे महिलाओं के बीच चुनाव परिणाम में इसे मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, इसे 10 हजारिया भी कहते हैं।
अगस्त-सितंबर में शुरू की गई ये योजना
यह योजना 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अगस्त-सितंबर में शुरू की गई थी और यह नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली NDA सरकार की महिला सशक्तीकरण की सबसे बड़ी और चर्चित योजनाओं में से एक बन गई।
जानिए क्या है पात्रता?
ये योजना मुख्य रूप से जीविका स्वयं सहायता समूह (Jeevika SHG) से जुड़ी महिलाओं के लिए हैं। इस योजना के तहत हर परिवार की एक महिला (18-60 साल आयु की), जिनके परिवार में कोई आयकर दाता या सरकारी नौकरी वाला न हो, उन्हें लाभार्थी बनाया गया।
पहली किस्त में महिलाओं को 10 हजार किए गए ट्रांसफर
इस योजना के तहत पहली किस्त में प्रत्येक पात्र महिला के बैंक खाते में सीधे 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए। 10 हजारी योजना के कुल लाभार्थी लगभग 1.2 से 1.5 करोड़ महिलाएं हैं। जिनमें ये राशि पहुंचाई गई है।