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सरकार ने चीनी मिलों को 6,000 करोड़ रुपये के सस्ते कर्ज को नियम सरल किए

 Written By: PTI
 Published : Aug 13, 2015 10:49 am IST,  Updated : Aug 13, 2015 01:14 pm IST

नई दिल्ली: सरकार ने सूखा और कम बारिश की स्थिति में खरीफ की खड़ी फसल बचाने के लिए डीजल व बीज पर सब्सिडी सहित 300 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की आज घोषणा की। साथ

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CCEA के दो बड़े फैसले, किसानों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली: सरकार ने सूखा और कम बारिश की स्थिति में खरीफ की खड़ी फसल बचाने के लिए डीजल व बीज पर सब्सिडी सहित 300 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की आज घोषणा की। साथ ही सरकार ने चीनी मिलों को 6,000 करोड़ रुपए के सस्ते कर्ज को नियम सरल किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की एक बैठक में इस संबंध में निर्णय किया गया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया,  खड़ी फसलों व बागानों की फसलों को बचाने के लिए तत्काल उपचारात्मक उपाय किए जाने की जरूरत है। कम बारिश के चलते सूखे की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकारों के वास्ते सीसीईए ने निम्नलिखित उपाय किए हैं।

इस वित्त वर्ष के लिए 300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आबंटन मंजूर किया गया है जिससे डीजल व बीज सब्सिडी उपलब्ध कराया जा सके, बागवानी फसलों को बचाया जा सके व चारे की आपूर्ति सुधारी जा सके। इसमें से 100 करोड़ रुपए फसलों की सिंचाई के लिए डीजल सब्सिडी योजना लागू करने के वास्ते आबंटित किया गया है।

योजना के तहत उन क्षेत्र के किसानों को जहां 15 जुलाई तक सामान्य से 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है, खड़ी फसल बचाने के लिए सिंचाई हेतु 50 प्रतिशत डीजल सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा, सीसीईए ने फसलों की फिर से बुवाई करने पर अतिरिक्त खर्च के लिए आंशिक मुआवजा देने के लिए बीज सब्सिडी पर सीमा बढ़ा दी है।

सीसीईए ने बागवानी फसलों पर सूखे का प्रभाव कम करने के लिए मिशन फार इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (एमआईडीएच) के तहत अतिरिक्त 150 करोड़ रुपए का आबंटन किया है। सरकार ने उन इलाकों में जहां पशुओं के लिए चारे की कमी है, वृहद चारा विकास कार्यक्रम के लिए 50 करोड़ रुपए आबंटन को मंजूरी दी है।

सरकार ने चीनी मिलों को 6,000 करोड़ रुपए के सस्ते कर्ज को नियम सरल किए

सरकार ने नकदी संकट से जूझ रही चीनी मिलों को 6,000 करोड़ रुपए का सस्ता या कम ब्याज दर वाला रिण जुटाने के लिए नियमों को सरल किया है। इससे चीनी मिलों को गन्ना किसानों का बकाया चुकाने में मदद मिलेगी। गन्ना उत्पादकों का बकाया इस समय 15,400 करोड़ रुपए पर पहुंच चुका है। चीनी उद्योग में नकदी डालने और गन्ना किसानों के बकाए में मदद के लिए सरकार ने इस साल जून में 2015-16 के सीजन (अक्तूबर-सितंबर) में 6,000 करोड़ रुपए के सस्ते रिण को मंजूरी दी थी। यह कर्ज उन मिलों को दिया जाएगा जिन्होंने 30 जून तक अपने बकाए का कम से कम 50 प्रतिशत चुका दिया है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस प्रकार के हस्तक्षेप से गन्ना बकाया धीरे-धीरे कम हो रहा है। फिलहाल यह 15,400 करोड़ रुपए है। सस्ते कर्ज की योजना का दायरा बढ़ाने के लिए सरकार ने इसके तहत पात्रता हासिल करने की तारीख को 30 जून, 2015 से बढ़ाकर 31 अगस्त, 2015 कर दिया है। अब 31 अगस्त तक गन्ना किसानों का कम से कम 50 प्रतिशत का बकाया चुकाने वाली मिलें भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगी। यह भी फैसला किया गया है कि किसानों का बकाया चुकाने के बाद यदि कुछ राशि बचती है तो उसे मिलों के खाते में डाल दिया जाएगा।

 

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