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यूरोपीय नेता यूनान के लिए कड़े राहत पैकेज पर हुए सहमत

 Written By: India TV Business Desk
 Published : Jul 14, 2015 08:25 am IST,  Updated : Jul 14, 2015 08:52 am IST

यूरोजोन के नेता कर्ज संकट से ग्रस्त यूनान को यूरो मुद्रा से बाहर जाने से बचाने के लिए आज एक करार पर सहमत हो गए जिसके साथ ही एथेंस को आने वाले दिनों में कठोर

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17 घंटे की मशक्कत के बाद ग्रीस को मिला राहत पैकेज

यूरोजोन के नेता कर्ज संकट से ग्रस्त यूनान को यूरो मुद्रा से बाहर जाने से बचाने के लिए आज एक करार पर सहमत हो गए जिसके साथ ही एथेंस को आने वाले दिनों में कठोर सुधार करने पड़ेंगे। 17 घंटे तक चली लंबी बातचीत के बाद यूनान के वामपंथी प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिप्रास अपने अरूचिकर सहयोगियों द्वारा तय शर्तो को स्वीकार कर लिया।

इस करार के मुताबिक यूनान की संसद को विश्वास जगाने के संकेत के तौर पर बुधवार तक कई बाजारोन्मुखी कानून मंजूर करने होंगे और अनुपालन के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की जांच का सामना करना पड़ेगा। उसके बाद ही 18 अन्य यूरोजोन नेता उस पर चर्चा शुरू करेंगे जो यूनान को बदले में मिलने वाला है। यूनान को 86 अरब यूरो :96 अरब डालर: का तीन साल का राहत पैकेज मिलेगा। यूनान के लिये यह पांच साल में तीसरा राहत पैकेज है।

यूरो के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने ट्विटर पर कर्ज संकट ग्रस्त यूनान के साथ समझौते की घोषणा की। इसके साथ ही सिप्रास की मितव्ययिता विरोधी सरकार और यूरो क्षेत्र के शेष देशों के बीच पिछले छह माह से चल रहा गतिरोध भी समाप्त हो गया।

पोलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री टस्क ने कहा यूरो देशों के बीच समझौते पर सर्वसम्मति बन गई। उन्होंने कहा कि सभी यूनान के लिए गंभीर सुधार और वित्तीय समर्थन के साथ यूरोपीय स्थिरता प्रणाली :ईएसएम: कार्यक्रम के लिए तैयार हो गये हैं।

यूनान ने पिछले सप्ताह यूरो क्षेत्र के राहत कोष, ईएसएम से तीसरा राहत पैकेज प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। यूनान के पिछले राहत पैकेज की अवधि 30 जून को समाप्त हो गई थी जिसके बाद पिछले कई वर्षों में पहली बार यह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता से महरूम हो गया। यूनान के बैंक भी पिछले दो सप्ताह से बंद हैं और ऐसी आशंका है कि यूरोपीय केंद्रीय बैंक द्वारा अतिरिक्त कोष नहीं मिलने की स्थिति में ये बैंक खाली हो जाएंगे। इसका अर्थ था यूनान को अपनी मुद्रा मुद्रित करनी पड़ती और वह यूरो से बाहर निकल जाता।

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