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एसएमएस के जरिए वायदा-विकल्प कारोबार से जुड़ी धोखाधड़ी की जांच शुरू

 Written By: PTI
 Published : Jun 14, 2015 03:46 pm IST,  Updated : Jun 14, 2015 03:47 pm IST

नई दिल्ली: बाजार नियामक सेबी ने एक बड़े निवेश घोटाले की जांच शुरू की है जिसमें एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए आरबीआई सहित अन्य संस्थानों के महत्वपूर्ण नीतगत फैसलों के आधार पर आप्शन (वायदा-विकल्प) कारोबार

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एसएमएस के जरिए वायदा-विकल्प कारोबार से जुड़ी धोखाधड़ी की जांच शुरू

नई दिल्ली: बाजार नियामक सेबी ने एक बड़े निवेश घोटाले की जांच शुरू की है जिसमें एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए आरबीआई सहित अन्य संस्थानों के महत्वपूर्ण नीतगत फैसलों के आधार पर आप्शन (वायदा-विकल्प) कारोबार से कई गुना फायदे का वादा कर भोले-भाले निवेशकों को लुभाया जाता है।

इसमें धोखाधड़ी करने वाले सोशल मीडिया और एसएमएस के जरिए संभावित निवेशकों तक पहुंचते और 5-10 लाख रुपए तक के निवेश की मांग करते थे और एक या दो दिन में ही 75 लाख रुपए तक के मुनाफे का वायदा करते थे। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जबकि ऐसे एसएमएस भेजे जाने लगे कि आरबीआई की मौद्रिक नीति की समीक्षा से पहले बैंक सूचकांक विकल्प में यदि पांच लाख रुपए का निवेश किया जाता है तो सिर्फ एक दिन में 75 लाख रपए तक का मुनाफा कमाया जा सकता है।

आरबीआई ने पिछली मौद्रिक नीति समीक्षा दो जून को की थी जबकि इस साल तीसरी बार नीतिगत दरों में कटौती की गई।

मुख्य दरों में कटौती की उम्मीद पहले से थी और आरबीआई की समीक्षा के जारी होने की अवधि के आस-पास बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया क्योंकि सट्टेबाज हर पहल पर शेयर और सूचकांक में भारी मुनाफा कमा रहे थे। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पूंजी बाजार नियामक सेबी एसएमएस, व्हाट्सएप्प और सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों के जरिए की जा रही धोखाधड़ी पर कड़ी निगाह रख रहा है।

सेबी ने एसएमएस निवेश जागरूकता अभियान भी शुरू किया है जिसमें निवेशकों को भारी मुनाफा के वादे का शिकार बनने से बचने के लिए आगाह किया जा रहा है। सेबी की जांच के दायरे में कई ऐसे मामले आए हैं जिनमें निवेशकों को एसएमएस के जरिए निवेशकों को आकर्षित किया जा रहा है। धोखाधड़ी करने वाले लोग ऐसे संदेश भेजने के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों का उपयोग करते हैं। अधिकारी ने कहा कि सेबी पिछले साल मिली शक्तियों का उपयोग कर रही है और ऐसे नंबरों के उपयोक्ताओं के बारे में मोबाइल परिचालकों से ब्योरा मांग रही है। इसके अलावा वह बैंकों से ऐसे खातों को ब्योरा भी मांग रही है जिसमें निवेशकों से आम तौर पर आनलाईन हस्तांतरण के लिए धन जमा करने के लिए कहा जा रहा है।

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