नई दिल्ली: मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए अमंगल साबित हुआ। पिछले दो सत्रों में 900 अंक से ज्यादा चढ़ने के बाद आज के सत्र में सेंसक्स 629 अंक की भारी गिरावट के साथ 26877 के स्तर पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 198 अंक लुढ़ककर 8126 के स्तर पर बंद हुआ। ध्यान दें आज के सत्र में सेंसेक्स ने 27000 का और निफ्टी ने 8200 का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ दिया है। बाजार की गिरावट में बीएसई की कुल मार्केट कैप 100 लाख करोड़ के नीचे पहुंच गई। मंगलवार के बंद भाव के हिसाब से बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों की कुल मार्केट कैप 99,05,243 करोड़ रुपए पहुंच गई है।
क्या करें आज की गिरावट के मुख्य कारण
फिनेथिक वैल्थ सर्विसेज के निदेशक वीके नेगी का मानना है कि जीएसटी बिल का अटकना और अंतराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट के कारण भारतीय बाजार में यह बिकवाली देखने को मिली है। नेगी के मुताबिक डॉलर के मुकाबले रुपए में आई गिरावट भी शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत रहा।
किस सेक्टर का रहा क्या हाल
बाजार की गिरावट में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी जमकर टूटे। मिडकैप इंडेक्स 1.5 फीसदी लुढ़ककर 12600 के नीचे बंद हुआ है। वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.7 फीसदी की कमजोरी के साथ 10,800 के नीचे बंद हुआ है। सेक्टर्स की बात करें तो बीएसई के सभी सेक्टर इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा गिरावट रियल्टी, पावर, कैपिटल गुड्स, बैंकिंग और मेटल शेयरों में दिखी। फीसदी के लिहाज से बात करें तो बैंक निफ्टी 3.2 फीसदी की गिरावट के साथ 17,622 पर बंद हुआ है। बीएसई के रियल्टी, पावर, कैपिटल गुड्स और मेटल इंडेक्स में 3.3-3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
बात दिग्गज शेयरों की
दिग्गज शेयरों की बात करें तो आज सबसे ज्यादा गिरावट बीओबी, टाटा स्टील, केयर्न इंडिया, वेदांत लिमिटेड के शेयरों में रही। इन सभी शेयरों में 5 से 7.50 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। वहीं निफ्टी में शुमार 50 शेयरों में केवल डॉ रेड्डीज और हीरो मोटोकॉर्प केवल दो ऐसे शेयर रहे जो बढ़ते के साथ बंद हुए।
अब क्या करें निवेशक
सैबियो कैपिटल की फंड मैनेजर गर्विता चावला का मानना है कि मई का महीना शेयर बाजार के लिहाज से अक्सर सुस्त ही रहता है। संसद सत्र खत्म होने के बाद मानसून के अलावा बाजार के लिए कोई बड़ा ट्रिगर भी नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी बाजार में किसी बड़ी तेजी की उम्मीद लगाना गलत होगा। आने वाले दिनों में बाजार एक दायरे में ही कारोबार करता दिखाई दे सकता है। हालांकि बाजार की गिरावट में गर्विता निचले स्तर पर मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में निवेश करना अच्छी रणनीति होगी।