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'जल्द सुलझा लिया जाएगा ओडिशा के साथ महानदी जल विवाद, केंद्र के साथ काम कर रही सरकार', सीएम साय का बड़ा बयान

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Sep 20, 2026 11:49 pm IST,  Updated : Sep 20, 2026 11:53 pm IST

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री चरण माझी के बीच भुवनेश्वर में मुलाकात हुई है। महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर भी दोनों शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत हुई है।

सीएम विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी- India TV Hindi
सीएम विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी Image Source : X/VISHNUDSAI

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को कहा कि ओडिशा के साथ महानदी जल विवाद का 'बहुत जल्द' समाधान होने की संभावना है। सीएम साय ने कहा कि क्योंकि केंद्र सरकार इस दिशा में काम कर रही है। छत्तीसगढ़ के सीएम और ओडिशा के मुख्यमंत्री के बीच रविवार को बैठक भी हुई।

जल बंटवारे को लेकर अब कोई विवाद वाली स्थिति नहीं

ओडिशा के दो दिवसीय दौरे पर आए साय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि महानदी जल बंटवारे के मामले को लेकर अब कोई विवाद वाली स्थिति नहीं है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों जगह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है और केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार है। इसलिए यह मामला बहुत जल्द सुलझ जाएगा। दोनों राज्यों ने केंद्र को सहमति दे दी है कि महानदी मुद्दे पर केंद्रीय जल आयोग जो भी फैसला लेगा, हम उसे स्वीकार करेंगे।' 

दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच हुई बैठक

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हवाई अड्डे से सीधे ओडिशा के अपने समकक्ष मोहन चरण माझी के आवास के लिए रवाना हो गए। सीएम साय का यह दौरा इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच यह बैठक 28 सितंबर को महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण की अगली सुनवाई से पहले हो रही है।

दोनों राज्यों के बीच महानदी जल बंटवारे पर होगी चर्चा 

छत्तीसगढ़ और ओडिशा की तकनीकी टीम की भी 21 सितंबर (सोमवार) को अगली बैठक होने वाली है, जिसमें दोनों राज्यों के बीच महानदी जल बंटवारे पर चर्चा की जाएगी। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने 30 जुलाई को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सी आर पाटिल की मौजूदगी में नई दिल्ली में इस मुद्दे पर मुलाकात की थी। बैठक के बाद माझी ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि महानदी जल विवाद दिवाली से पहले सुलझ जाएगा। 

जानिए क्या है महानदी जल बंटवारा विवाद?

दोनों राज्यों के बीच जल विवाद एक दशक से अधिक समय से जारी है। ओडिशा का आरोप है कि छत्तीसगढ़ ने उद्योगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए ऊपरी क्षेत्र में बैराज और बांध बनाकर महानदी के निर्बाध प्रवाह को बाधित किया है। वहीं, छत्तीसगढ़ का दावा है कि राज्य नदी के पानी में से केवल अपने हिस्सा का ही इस्तेमाल करता है, उससे अधिक नहीं। छत्तीसगढ़ ने यह भी आरोप लगाया कि ओडिशा अपने हिस्से के उपलब्ध पानी का इस्तेमाल करने में विफल रहा है। इसके बाद केंद्र सरकार ने 2018 में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया था। (भाषा के इनपुट के साथ)

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