रायपुरः छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से मरने वालों के नजदीकी परिजनों के लिए कंपनी ने बड़ा ऐलान किया है। वेदांता पावर लिमिटेड का कहना है कि हम प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं और मरने वालों के परिवारों को 35 लाख रुपये और नौकरी की मदद देंगे। कंपनी ने कहा कि घायलों को 15 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा, साथ ही ठीक होने तक सैलरी और काउंसलिंग की मदद भी दी जाएगी। कंपनी ने बुधवार को कहा कि कल हमारे सिंघीतराई प्लांट में एक बुरी घटना हुई। हमारा ध्यान घायलों पर है और मेडिकल टीमों और लोकल अधिकारियों के साथ मिलकर समय पर मेडिकल मदद पक्का करना है।
हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत और 17 घायल
सक्ती जिले के एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के मुताबिक, वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 17 श्रमिकों का अभी भी अलग-अलग हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। मृतक छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, झारखंड और उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि यह धमाका कल दोपहर करीब 2:30 बजे जिले के डभरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता लिमिटेड के विद्युत संयंत्र में बॉयलर से टरबाइन तक हाई-प्रेशर भाप पहुंचाने वाली एक ट्यूब में हुआ था। अलर्ट मिलने पर पुलिस स्टेशन को इन्फॉर्म किया गया और तुरंत भेजा गया।
सीएम ने पांच लाख मुआवजे का किया ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। सीएम साय ने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को इस घटना की जांच करने का आदेश दिया है। वहीं जिला प्रशासन ने भी इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। सीएम कहा कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, "दोषी लोगों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी रखे हुए है और प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता व प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। मृतकों के परिजनों को कुल मिलाकर 40 लाख रुपये मिलेंगे। 35 लाख रुपये कंपनी और पांच लाख सरकार की तरफ से मिलेंगे।