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आप सांसद राघव चड्ढा की संसद सदस्यता बहाल, वीडियो जारी कर दिया धन्यवाद

 Edited By: Amar Deep
 Published : Dec 04, 2023 02:52 pm IST,  Updated : Dec 04, 2023 02:52 pm IST

आप सांसद राघव चड्ढा की संसद सदस्यता को फिर से बहाल कर दिया गया है। 115 दिनों के बाद उनका निलंबन रद्द कर दिया गया है। वहीं उन्होंने वीडियो जारी करके धन्यवाद दिया है।

सांसद राघव चड्ढा।- India TV Hindi
सांसद राघव चड्ढा। Image Source : PTI

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा का निलंबन आज समाप्त कर दिया गया है। इसके बाद आप सांसद राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी करके सभी का धन्यवाद किया। बता दें कि उनका निलंबन समाप्त करने को लेकर राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति की आज संसद में बैठक हुई। इस बैठक के दौरान दौरान सभापति जगदीप धनखड़ ने चड्ढा को सदन में लौटने की अनुमति दे दी। वहीं अपने धन्यवाद संबोधन करने वाले वीडियो में राघव चड्ढा ने कहा कि 115 दिनों तक मैं लोगों की आवाज संसद में नहीं रख सका।

निलंबन रद्द कराने के लिए गया सुप्रीम कोर्ट

AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा, "11 अगस्त को मुझे राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था। यानी कि भारत की संसद से निलंबित कर दिया गया था।  मैं अपने निलंबन को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट गया। न्याय के मंदिर में जाकर न्याय की गुहार लगानी पड़ी। मैने जो याचिका दायर की थी उस याचिका का माननीय सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और उसमें हस्तक्षेप किया। उच्चतम न्यायलय के हस्तक्षेप के बाद अब 115 दिनों के बाद मेरा निलंबन रद्द कर दिया गया है। आज संसद के भीतर एक प्रस्ताव लाकर मेरे निलंबन को खत्म किया गया। 

115 दिनों तक नहीं उठा सका लोगों की आवाज

करीब 115 दिनों तक मुझे निलंबित रखा गया, इन 115 दिनों तक मैं आपकी आवाज को संसद में नहीं उठा सका। 115 दिनों मैं आपके सवाल सरकार से नहीं पूछ सका, आपके हक की आवाज नहीं उठा सका और जो जवाब आप सरकार से चाहते थे वो जवाब मैं नहीं ला सका। मुझे खुशी है कि मेरा निलंबन वापस ले लिया गया है और मैं सुप्रीम कोर्ट और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को धन्यवाद देना चाहता हूं। 

एक चिराग कई आंधियों पर भारी

इस 115 दिनों के निलंबन के समय में मुझे आप सभी का बहुत प्यार, आशीर्वाद और दुवाएं मिलीं। आप लोगों ने फोन करके, मैसेज करके, ईमेल के जरिए और मिलकर बहुत प्यार दिया, हिम्मत दी लड़ाई लड़ने की, डटे रहने की और इन लोगों से मुकाबला करने की। मैं आपकी सारी दुवाओं के लिए, आशीर्वाद के लिए आपका धन्यवाद करता हूं। अंत में यही कहूंगा कि दुआ करो सलामत रहे हिम्मत हमारी, ये एक चिराग कई आंधियों पर भारी।

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