1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. बाबा का ढाबा मालिक से धोखाधड़ी के आरोप में यूट्यूबर गौरव वासन पर मामला दर्ज

बाबा का ढाबा मालिक से धोखाधड़ी के आरोप में यूट्यूबर गौरव वासन पर मामला दर्ज

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 06, 2020 08:56 pm IST,  Updated : Nov 06, 2020 10:54 pm IST

मालवीय नगर में बाबा का ढाबा का वीडियो वायरल होने के बाद मदद के नाम पर आई रकम में हेरफेर के आरोप में वीडियो वायरल करने वाले गौरव वासन के खिलाफ मालवीय नगर पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 के तहत चीटिंग का मुकदमा दर्ज किया।

Baba ka dhaba gaurav wasan malviya nagar fir police case- India TV Hindi
Baba ka dhaba case Image Source : FILE

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में लोकप्रिय भोजनालाय ‘बाबा का ढाबा’ के वयोवृद्ध मालिक ने यूट्यूबर गौरव वासन के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। भोजनालय के मालिक का आरोप है कि वासन ने उनकी मदद के लिए चंदे के रूप में मिली बड़ी राशि का गबन किया है। वासन ने भोजनालय के मालिक का वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड किया था जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और लोग ढाबे के मालिक कांता प्रसाद की मदद के लिए आगे आए थे। पुलिस के अनुसार प्रसाद की ओर से 31 अक्टूबर को मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। इससे एक महीने पहले ही वासन का बनाया वीडियो वायरल हुआ था। 

शिकायत में प्रसाद ने आरोप लगाया है कि वासन ने ‘जानबूझकर सिर्फ अपना और अपने परिवार तथा दोस्तों के खाते का विवरण और मोबाइल नंबर दान देने वाले लोगों के साथ साझा किया और मदद के रूप में बड़ी राशि हासिल की और उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी भी नहीं दी।’’ वासन ने हालांकि आरोपों से इनकार किया है। 

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अतुल कुमार ठाकुर ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद इस संबंध में प्राथमिक जांच की गई और भारतीय दंड संहिता के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है। इससे पहले दिन में प्रसाद ने कहा था कि लोग उन्हें ‘लालची’ बता रहे हैं, जिससे उन्हें दुख हुआ। एक संवाददाता सम्मेलन में प्रसाद अपने वकील प्रेम जोशी और ब्लॉगर तुशांत के साथ मौजूद थे। 

उन्होंने दावा किया कि वासन ने उन्हें 26 अक्टूबर को 2.33 लाख रुपये का चेक तब दिया जब उसे इसके लिए ट्रोल किया गया। वहीं जोशी ने दावा किया कि 26 अक्टूबर को वासन ने जब प्रसाद को चेक सौंपा तो उनसे एक कागज पर यह दावा करते हुए हस्ताक्षर कराया कि सभी बकाया दिया जा चुका है। हालांकि, बाद में उसने प्रसाद को पुन: 1.45 लाख रुपये दिये।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। दिल्ली से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।