नई दिल्ली: साल 2021 में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की एक बस ने एक शख्स को टक्कर मार दी थी। इस टक्कर में शख्स की मौत हो गई थी। अब इस मामले में शख्स के परिजनों को 73.29 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। दिल्ली के एक मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने ये आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
35 साल के गजेंद्र सिंह 4 जनवरी 2021 में अपने गांव से दिल्ली आ रहे थे। इस दौरान गौतम बुद्ध नगर जिले में जीटी रोड पर डेरी मच्छा के पास यूपीएसआरटीसी की एक बस ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
इस मामले में बस चालक और यूपीएसआरटीसी ने कहा था कि स्कूटर पर सवार शख्स सीधे बस की चपेट में नहीं आया था बल्कि पहले एक रिक्शे से टकराया और उसके बाद बस की चपेट में आया। हालांकि न्यायाधिकरण ने प्रत्यक्षदर्शी की गवाही पर भरोसा।
बस की टक्कर से जान गंवाने वाले दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के कर्मचारी के परिवार को 73.29 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। ये एक्सीडेंट साल 2021 में हुआ था, जिस पर अब मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने मुआवजा देने का आदेश दिया है।
पीठासीन अधिकारी मनीष शर्मा ने क्या निर्देश दिए?
पीठासीन अधिकारी मनीष शर्मा ने यूपीएसआरटीसी को निर्देश दिया है कि मृतक की मां और भाई को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 73.29 लाख रुपये का भुगतान करें। न्यायाधिकरण ने 30 जुलाई को अपने आदेश में ये साफ कहा कि तथ्यों और चर्चा के आधार पर वह प्रतिवादी संख्या-1 को दुर्घटना के समय वाहन चलाने में गंभीर लापरवाही और चूक का दोषी मानता है। इस कारण मेट्रो कर्मी की मौत हुई।
न्यायाधिकरण का कहना है कि जिस समय ये एक्सीडेंट हुआ था, तब मृतक की मासिक आय करीब 52,150 रुपये थी इसलिए कुल 73.29 लाख रुपए मुआवजा निर्धारित किया गया है।
इसी साल मई में दिल्ली से बस से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया था। यहां बारात ले जा रही बस जब रास्ते में खराब पड़ गई तो दूल्हे पक्ष को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसके बाद दिल्ली कंज्यूमर कमीशन ने इस केस में बस सर्विस देने वाली कंपनी पर ब्याज सहित 64 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। (इनपुट: भाषा)
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