नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में बिजली की मांग 5029 मेगावाट के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई है। आने वाले महीनों में मांग 9000 मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है, जो शहर के बिजली बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ी चुनौती है। मंगलवार को दोपहर 3:30 बजे 5029 मेगावाट (MW) दर्ज की गई, जो इस सीजन में शहर में अब तक की सबसे अधिक बिजली की मांग है।
राज्य भार प्रेषण केंद्र (SLDC) के अनुसार, दिल्ली में बिजली की एक और रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धि देखने को मिल सकती है, इस गर्मी में पहली बार अधिकतम बिजली की मांग 9000 मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है। पिछले साल राष्ट्रीय राजधानी 8656 मेगावाट की डिमांड दर्ज की गई थी। बीएसईएस डिस्कॉम--बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल)--दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली में 50 लाख से अधिक उपभोक्ताओं और 2 करोड़ निवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी कर रही है।एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इन तैयारियों में कई राज्यों के साथ पावर बैंकिंग व्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) का उपयोग किया जा रहा है।
अनुमानों के अनुसार, बीआरपीएल के अधिकार क्षेत्र में--दक्षिण और पश्चिम दिल्ली को कवर करते हुए--बिजली की मांग 2024 में 3809 मेगावाट से बढ़कर लगभग 4050 मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है। बीवाईपीएल के क्षेत्र में, जिसमें पूर्वी और मध्य दिल्ली शामिल हैं, पीक डिमांड 1900 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है, जो पिछले साल के 1882 मेगावाट से थोड़ा अधिक है। बीएसईएस डिस्कॉम ने इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते (पीपीए) और बैंकिंग व्यवस्थाएं हासिल की हैं। कंपनी ने कई राज्यों के साथ बिजली बैंकिंग व्यवस्था भी की है, जिससे गर्मी के चरम महीनों के दौरान 500 मेगावाट तक की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
राजधानी में लू का येलो अलर्ट
बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में तापमान बढ़ने के कारण भीषण गर्मी और लू के हालात के बीच दिल्ली सरकार ने मंगलवार को लोगों को सुरक्षित रहने, लू और गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि अत्यधिक गर्मी या लू लगने से खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बाहर काम करने वालों और पहले से ही बीमार लोगों जैसे कमजोर लोगों में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। दिल्ली में फिलहाल ‘येलो अलर्ट’ जारी है, जो आज तक लागू रहेगा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ‘कलर कोड’ के अनुसार, ‘येलो अलर्ट’ का मतलब है ‘‘सावधान रहें’’ और लोगों को गर्मी के संपर्क में आने से बचने, हल्के, हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनने तथा अपने सिर को ढकने की सलाह दी जाती है। लू लगने के लक्षणों को ‘हीट स्ट्रेस’ के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें तेज बुखार, बेहोशी, सूखी और लाल त्वचा, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन, सांस लेने में तकलीफ और भ्रम के लक्षण शामिल हैं। कुछ मामलों में व्यक्ति ऐंठन का अनुभव कर सकता है या बेहोश हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि ऐसे लक्षण दिखने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना देरी किए अस्पताल ले जाना चाहिए। शरीर में पानी की कमी नहीं होने के महत्व पर जोर देते हुए परामर्श में प्यास नहीं होने पर भी भरपूर मात्रा में तरल पदार्थ पीने की सलाह दी गई है। लोगों से बाहर जाते समय पानी साथ रखने और उबला हुआ या आरओ-फिल्टर किए गए पानी जैसे सुरक्षित पेयजल स्रोतों का उपयोग करने का आग्रह किया गया है। एडवाइजरी के अनुसार, शरीर में पानी की कमी को पूरा करने और आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए तरबूज, खीरा, संतरा, नींबू और टमाटर जैसे मौसमी फलों एवं उन सब्जियों के सेवन को प्रोत्साहित किया गया है, जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि धूप में निकलने के जोखिम को कम करने के लिए लोगों को दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे के बीच चरम गर्मी की अवधि के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। अगर बाहर निकलना अत्यंत आवश्यक है, तो लोगों को ढीले-ढाले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने चाहिए और अपने सिर को स्कार्फ, टोपी या छाते से ढकना चाहिए। यूवी (परा बैंगनी) किरणों से बचाव के लिए धूप का चश्मा पहनने की भी सलाह दी गई है। (इनपुट-एएनआई और भाषा)