दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे में पांच छात्रों समेत 7 लोगों की जान चली गई। मामले में सरकार से लेकर पुलिस तक फुल एक्शन में है। पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरसात में जेल भेज दिया गया, जबकि हरिराम के बेटे महेश को दो दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। हरिराम के बेटे को पुलिस कस्टडी में इसलिए भेजा गया है, क्योंकि वही सत्यनिकेतन इलाके में अपने हॉस्टल का मैनेजमेंट देखता था।
इधर, दिल्ली सरकार भी एक्शन मोड में है। MCD के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि सत्य निकेतन में जहां इमारत गिरी, उसके आसपास नॉर्थ कैंपस, लक्ष्मीनगर, मुनिरका जैसे वो इलाके हैं जहां इसी तरह पतली-पतली गलियों में दरबे की तरह हॉस्टल और पीजी बने हुए हैं। इनमें छात्र रहने को मजबूर हैं। दिल्ली में 76 लाख सेंसस मकान हैं, लेकिन MCD अभी सिर्फ 28 लाख का ऑडिट कर पाई है।