योगी सरकार ने कक्षा नौ और दस की स्कॉलरशिप राशि को बढ़ा दिया है। पिछड़ा वर्ग के छात्रों को अब तीन हजार रुपये स्कॉलरशिप मिलेगी। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने छात्रवृत्ति वृद्धि का श्रेय राज्य के मुख्यमंत्री को दिया है। प्रदेश के अड़तीस लाख छात्र अब इस बड़ी योजना से लाभान्वित होंगे। सरकार का इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने में बेहद मदद मिलेगी। बता दें कि इससे पहले कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले पिछड़े वर्ग के छात्रों को 2250 रुपये मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर 3 हजार कर दिया गया है।
'2023-24 से प्रदेश में एक भी पात्र छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति से वंचित नहीं'
प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने बताया पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 से प्रदेश में एक भी पात्र छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहा है। यह प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले छात्रवृत्ति वितरण 31 मार्च को वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन होता था, लेकिन योगी सरकार ने व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए वर्ष 2025 में 25 सितंबर से ही छात्रवृत्ति वितरण प्रारंभ कर दिया। अब तक लगभग 20 लाख छात्र-छात्राओं को समयपूर्व छात्रवृत्ति वितरित की जा चुकी है।
अभिभावकों की आय सीमा भी बढ़ाई
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के निर्णय से छात्रवृत्ति हेतु अभिभावकों की आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सकेगा। पूर्वदशम छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि 2250 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये किए जाने की भी घोषणा की गई है। वर्ष 2026-27 में लगभग 38 लाख विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है।
दिव्यांगजन पेंशन राशि में बढोतरी
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री कश्यप ने बताया कि दिव्यांगजन पेंशन राशि 1000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह होने जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व यह राशि मात्र 300 रुपये थी, जिसे योगी सरकार ने चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर अब पांच गुना तक पहुंचा दिया है। पेंशन मद में 1400 करोड़ रुपये से अधिक की व्यवस्था की गई है।
दिव्यांग छात्राओं की सुविधा के लिए 60 करोड़ रुपये की नई योजना प्रारंभ की गई है, जिसके तहत उन्हें ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण एवं मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरण योजनाएं पूर्ववत संचालित रहेंगी।
उन्होंने बताया कि चित्रकूट स्थित दिव्यांग विश्वविद्यालय, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 500 करोड़ रुपये है, अब राज्य सरकार के अधीन आ चुका है। इससे प्रदेश में दिव्यांगजनों की उच्च शिक्षा एवं बौद्धिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।