1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. यूपी के एक मदरसे में औचक निरीक्षण, 10वीं के छात्र अपना नाम भी अंग्रेजी में नहीं लिख पाए; नोटिस जारी

यूपी के एक मदरसे में औचक निरीक्षण, 10वीं के छात्र अपना नाम भी अंग्रेजी में नहीं लिख पाए; नोटिस जारी

 Published : Apr 28, 2025 06:42 pm IST,  Updated : Apr 28, 2025 06:44 pm IST

यूपी में बहराइच जिले के एक मदरसे का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें बेहद चिंताजनक स्थिति सामने आई है। इस दौरान दसवीं कक्षा का एक भी छात्र अंग्रेजी में अपना नाम नहीं लिख पाया।

बहराइच के मदरसे में दसवीं का एक भी छात्र अंग्रेजी में नहीं लिख पाया अपना नाम (सांकेतिक फोटो)- India TV Hindi
बहराइच के मदरसे में दसवीं का एक भी छात्र अंग्रेजी में नहीं लिख पाया अपना नाम (सांकेतिक फोटो) Image Source : PEXELS

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक चौंकाने वाली और बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां बड़ी तकिया में मान्यता प्राप्त मदरसा जामिया गाजिया सैयदुलुलुम का अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कक्षा 10वीं का एक भी छात्र अपना नाम तक नहीं लिख पाया, जिसके बाद विभाग ने संचालक को चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किया। मिली जानकारी के अनुसार, निरीक्षण  जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्र ने किया। इस  दौरान उन्हें एक अध्यापक भी अनुपस्थित मिले, लेकिन रजिस्टर में उसकी गैरहाजिरी दर्ज नहीं थी। बता दें कि बहराइच में कुल  301 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। वहीं, बीते दिनों एक सर्वे कराया गया, जिसमें 495 गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का पता लगा। 

संजय मिश्र ने बताया कि मुंशी, मौलवी और आलिम की कक्षाओं में भी बच्चों की संख्या रजिस्ट्रेशन के सापेक्ष बेहद कम थी। उन्होंने दावा किया कि निरीक्षण में 10वीं कक्षा के स्टूडेंट्स से अंग्रेजी में अपना नाम और मदरसे का नाम लिखने को कहा गया लेकिन एक भी छात्र इस टास्क को पूरा नहीं कर पाया। अधिकारी ने बताया कि मदरसे में अरबी, फारसी के अलावा अन्य विषयों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया जाता है, जिसकी वजह से बच्चों की स्थिति इतनी चिंताजनक है।

'बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा'

उन्होंने कहा, "बच्चों पर ध्यान न देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।" स्थिति में सुधार लाने की चेतावनी देते हुए कहा गया कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मदरसे के संचालक व अनुपस्थित अध्यापक को नोटिस दिया गया है। 

कमजोर स्टूडेंट्स की अलग से लगेगी क्लास

इस सिलसिले में मदरसे के प्रभारी प्रधानाचार्य मौलाना शमसुद्दीन ने कहा, "औचक निरीक्षण में 10वीं कक्षा के जिन स्टूडेंट्स से अंग्रेजी में नाम लिखने को कहा गया, उनका एडमिशन हाल में हुआ था। उनकी अंग्रेजी कमजोर थी, इसलिए औचक निरीक्षण के दौरान वे अंग्रेजी में अपना नाम सही से नहीं लिख पाए। फिलहाल हमने कमजोर स्टूडेंट्स की अलग से क्लास लगाने का निर्णय लिया है।" उन्होंने कहा, "अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए अब सभी विषयों की कक्षाओं व अध्यापकों की समयसारणी बनाई गई है।"

'हमने सभी विषयों पर काम करना शुरू कर दिया है'

प्रधानाचार्य ने कहा, "पहले भी मदरसे में अंग्रेजी, हिन्दी, गणित व विज्ञान की शिक्षा का प्रावधान था, इसीलिए साइंस के अध्यापक की नियुक्ति की गई थी। लेकिन ज्यादा तवज्जो अरबी, फारसी व उर्दू पर ही था। लेकिन जब से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) पाठ्यक्रम लागू हुआ है, हमने सभी विषयों पर काम करना शुरू कर दिया है। बच्चों के भविष्य के लिए बेहतर भी यही है कि अन्य क्षेत्रों में भी उनका भविष्य बने। (Input With PTI)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। एजुकेशन से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।