नयी दिल्ली: बांग्लादेश में जन्मी दिल्ली की सबसे बुजुर्ग मतदाता कालितारा मंडल 111 साल की उम्र में भी चुनाव को लेकर जोश में है और वह मतदान करने तथा अपनी उंगली पर स्याही का निशान लगवाने के लिए बेहद उत्साहित है। दिल्ली के सीआर पार्क में रहने वाली मंडल का जन्म 1908 को अविभाजित भारत में हुआ था। वह दो विभाजनों की साक्षी हैं और भारत में दो बार शरणार्थी के रूप में रह चुकी हैं। अंतत: वह दिल्ली में बस गईं।
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उन्होंने अब तक लगभग हर चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। उन्हें मतदान पेटी भी याद है और ईवीएम से मतदान करने का भी अनुभव है। उनके बेटे सुख रंजन कहते हैं, ‘‘वह मतदान करने के लिए बेहद उत्सुक हैं। पिछले वर्ष उन्होंने लोकसभा में मतदान किया था।’’ मंडल ने लोगों से आलस्य त्यागकर मतदान करने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘बाहर निकलो और मतदान करो। लोकतंत्र जनता से चलता है और लोगों को इसमें जरूर भाग लेना चाहिए क्योंकि हर एक मत का महत्व होता है।’’ दिल्ली में 132 शुतायु मतदाता हैं जिनमें 68 पुरुष और 64 महिलाएं हैं। अधिकारियों ने बताया कि शतायु मतदाताओं के साथ वीआईपी जैसा बर्ताव किया जाएगा।