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कोलकाता नगर निगम चुनाव में हिंसा, फेंके गए बम, 3 घायल; BJP का दावा- "शुवेंद्रु अधिकारी समेत 20 नेताओं को हिरासत में लिया गया"

 Edited By: Neeraj Jha
 Published : Dec 19, 2021 06:40 pm IST,  Updated : Dec 19, 2021 06:40 pm IST

नाव आयोग के मुताबिक घटना में केवल एक व्यक्ति घायल हुआ है, जबकि पुलिस ने बताया कि तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक ने अपना पैर गंवा दिया है।

बंगाल में हिंसा- India TV Hindi
बंगाल में हिंसा Image Source : FILE PHOTO/ PTI

Highlights

  • नगर निगम चुनाव में चले बम, पुलिस- तीन घायल
  • बीजेपी का कोलकाता पुलिस पर बड़ा आरोप

कोलकाता (पश्चिम बंगाल): कोलकाता नगर निगम (केएमसी) चुनाव के दौरान छिटपुट हिंसा हुई, जिनमें मतदान केंद्रों के बाहर देसी बम फेंके गए। राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया है कि कोलकाता के सियालदह और खन्ना इलाकों में बम फेंके जाने की दो घटनाएं हुईं और स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस दलों को घटनास्थल पर भेजा गया। उन्होंने कहा, ‘‘अपराह्न तीन बजे तक कुल 52.17 प्रतिशत मतदान हुआ। कुछ घटनाओं को छोड़कर अभी तक मतदान शांतिपूर्ण रहा है। मतदान केंद्रों के बाहर देसी बम फेंके जाने की दो घटनाएं दर्ज की गयीं।’’ वहीं, बीजेपी का आरोप है कि शुवेंद्रु अधिकारी, अर्जुन सिंह सहित 20 बीजेपी नेताओं को लिया हिरासत में लिया गया है। बीजेपी का कहना है कि उनके नेताओ को चुनाव आयोग और गर्वनर से मिलने जाना था लेकिन उन्हे जाने नही दिया गया।

 
इधर चुनाव आयोग के मुताबिक घटना में केवल एक व्यक्ति घायल हुआ है, जबकि पुलिस ने बताया कि तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक ने अपना पैर गंवा दिया है। पुलिस ने बताया कि मतदान के दौरान शांति भंग करने के आरोप में अभी तक 72 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर चुनावों के दौरान हिंसा में सत्तारूढ़ पार्टी का कोई भी नेता शामिल पाया जाता है तो ‘‘24 घंटे के भीतर’’ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

उन्होंने मतदान के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘हम हिंसा के किसी भी रूप का समर्थन नहीं करते और अगर टीएमसी का कोई नेता स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया को रोकने में शामिल पाया जाता है तो 24 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मैं मीडिया से इसके संबंध में फुटेज और सबूत देने का अनुरोध करता हूं।’’

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग के एक आदेश का पालन करते हुए चुनाव के दौरान मतदान के लिए जाते वक्त उनके सुरक्षा कर्मी बूथ के बाहर खड़े रहे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे सुरक्षा कर्मियों ने शनिवार रात को जारी आदेश का पालन किया"।

राज्य निर्वाचन आयुक्त सौरव दास ने केवल दो लोगों मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को ही यह सुविधा दी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दो बार सौरव दास को फोन किया और उन्हें यह बताने की कोशिश की कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से और बिना किसी डर के हो तथा प्रशासन इसमें किसी भी तरीके से हस्तक्षेप न करें।’’ 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कई वार्ड में विपक्षी दलों के बूथ एजेंट को मतदान केंद्रों में प्रवेश करने से रोका। हालांकि, सत्तारूढ़ पार्टी ने इस आरोप को ‘‘निराधार’’ बताया है। माकपा कार्यकर्ताओं ने बाघा जतिन इलाके में सड़क अवरुद्ध करते हुए आरोप लगाया कि उनके चुनाव एजेंट को बूथ के अंदर नहीं जाने दिया गया। भाजपा के राज्य नेतृत्व ने एलान किया कि वह चुनावों में ‘‘हिंसा और कदाचार’’ के खिलाफ राज्य भर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी।

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हम केएमसी चुनावों में हो रही हिंसा के खिलाफ राज्यभर में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे। राज्य प्रशासन की मदद से जिस तरीके से वोटों की लूट हुई है, वह हमारे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। इसलिए हमने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात करने के लिए कहा था।’’ 

कोलकाता के पूर्व महापौर और वरिष्ठ टीएमसी नेता फरहाद हाकिम ने आरोपों को ‘‘बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित’’ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा जानती है कि उन्हें चुनावों में हार मिलेगी इसलिए वे अब ऐसे बहाने बना रहे हैं। कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर चुनाव शांतिपूर्ण रहे हैं।’’ हालांकि, टीएमसी ने आरोप से इनकार किया है। 

पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक कोलकाता पुलिस के लगभग 23,000 कर्मियों को शहर भर में तैनात किया गया था और शहर में महत्वपूर्ण स्थानों पर 200 से अधिक पुलिस चौकियां भी स्थापित की गई। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस लगातार तीसरी बार निकाय बोर्ड में बने रहने के लिए चुनाव लड़ रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) भी चुनाव मैदान में हैं। मतगणना 21 दिसंबर को होगी।

इनपुट- भाषा

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